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भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से कारोबार को बढ़ावा

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से सालाना 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान, CETA से कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

CETA लागू होने से भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान है। फिलहाल व्यापार 48 अरब पाउंड है।

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से सालाना 255 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान ceta से कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

India-UK Trade Deal to Boost Bilateral Trade |

मुंबई (महाराष्ट्र): दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन की उप व्यापार आयुक्त जया चोरारिया ने मंगलवार को कहा कि व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के लागू होने के बाद ब्रिटेन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार में दीर्घकालिक रूप से सालाना 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि होने का अनुमान है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 48 अरब पाउंड का है। मुंबई में आयोजित CETA मार्केटप्लेस कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए चोरारिया ने बताया कि यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता ब्रिटिश और भारतीय कारोबारियों को सीधे जोड़ने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा, "हम मुंबई में CETA मार्केटप्लेस का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें ब्रिटेन की कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रही हैं और भारतीय कंपनियां एवं खरीदार अवसरों की तलाश में एक साथ आ रहे हैं। यह विभिन्न क्षेत्रों में CETA के ठोस लाभों को दर्शाता है।"

व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी की उम्मीद

CETA के लागू होने के बाद समग्र आर्थिक प्रभाव और आयात-निर्यात से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर चोरारिया ने कहा कि यह समझौता सीमा पार व्यापार में आने वाली बाधाओं को काफी हद तक कम करता है। चोरारिया ने कहा, "CETA व्यापार को सस्ता, तेज और आसान बनाता है, और अब हम इसे यूके-भारत कॉरिडोर में बढ़ते व्यापार और निवेश में तब्दील होते देखना चाहते हैं।" दोनों देशों के बीच व्यापार में अनुमानित वृद्धि और दीर्घकालिक संभावनाओं पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "दीर्घकाल में व्यापार सालाना 48 अरब पाउंड से बढ़कर 25.5 अरब पाउंड प्रति वर्ष होने की उम्मीद है।"

हरित ऊर्जा में सहयोग के नए अवसर

सतत प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर बात करते हुए उप व्यापार आयुक्त ने बताया कि हरित ऊर्जा दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। चोरारिया ने कहा, "हम हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कई अवसरों की खोज कर रहे हैं।"

करीब 200 ब्रिटिश कंपनियां भारत पहुंचीं

इससे पहले, ब्रिटेन के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने कहा कि भारत के साथ CETA को बातचीत से कार्यान्वयन की ओर ले जाने के प्रयासों के तहत ब्रिटेन लगभग 200 कारोबारों को भारत लेकर आया है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चिकित्सा उपकरण और खाद्य एवं पेय पदार्थों सहित कई क्षेत्रों में कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे समझौते के तहत पहला व्यापारिक अभियान बताया। कांग के अनुसार, ब्रिटेन भारत में अपना अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आया है, जिसमें तीन राज्य सचिव, सात क्षेत्रीय महापौर और एक स्थानीय प्राधिकरण के अध्यक्ष शामिल हैं।

15 जुलाई से लागू हुआ समझौता

कांग ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य कारोबारियों को व्यापार समझौते का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि CETA 15 जुलाई से लागू हुआ है। समझौते से पैदा हुए अवसरों का जिक्र करते हुए कांग ने कहा, "हमारा उद्देश्य व्यवसायों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।"

ऑटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों समेत कई क्षेत्रों को फायदा

कांग ने कहा कि ब्रिटेन उन उद्योगों को प्रदर्शित कर रहा है, जिन्हें इस समझौते से लाभ मिल सकता है। इनमें चिकित्सा उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, खाद्य एवं पेय पदार्थ और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कार्यक्रम में एस्टन मार्टिन, बेंटले और रेंज रोवर जैसे ब्रिटिश ब्रांडों की उपस्थिति का भी उल्लेख किया। कांग ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त करते हुए कहा कि निरंतर सहयोग से पारस्परिक लाभ मिल सकते हैं, क्योंकि कारोबारी इस व्यापार समझौते को लागू करना शुरू कर देंगे।

(एएनआई)

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