नेपाल बाढ़ के बीच 85 भारतीयों को बचाया गया है, जबकि 315 से ज्यादा अब भी संपर्क से बाहर हैं। जयशंकर ने 21 सुरक्षित लौटे तीर्थयात्रियों से मुलाकात की और राहत प्रयासों की जानकारी दी।
Jaishankar Meets Rescued Pilgrims, Says 315 Indians Still Unreachable in Nepal |
नई दिल्ली (भारत)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित लौटे 21 भारतीय तीर्थयात्रियों से मुलाकात की और बताया कि अब तक करीब 85 भारतीयों को बचाया जा चुका है। हालांकि, 315 से ज्यादा भारतीय नागरिकों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है, जिन्हें सुरक्षित निकालना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
315 से ज्यादा भारतीयों से संपर्क की कोशिश, 21 तीर्थयात्री सुरक्षित दिल्ली पहुंचे
गहरी राहत जताते हुए, विदेश मंत्री ने बताया कि अब तक 85 भारतीयों को बचाया जा चुका है, लेकिन सरकार का ध्यान उन 315 से ज्यादा भारतीय नागरिकों से संपर्क करने पर है जिनसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। काठमांडू के रास्ते राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे 21 तीर्थयात्रियों के इस समूह को नेपाल की सेना ने एक ऐसी जगह से बचाया, जिसे विदेश मंत्री ने बहुत मुश्किल जगह बताया।
नेपाली सेना ने बाढ़ में फंसे तीर्थयात्रियों को बचाया, दूतावास ने कराई वापसी
उन्होंने कहा, "मैंने अभी-अभी भारतीयों के एक समूह से मुलाकात की है जो कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा पर गए थे। बाढ़ के बाद उन्हें बचाया गया था। उन्हें काठमांडू वापस लाया गया। नेपाली सेना ने उन्हें बचाया। फिर हमारी एम्बेसी ने उनकी वापसी का इंतज़ाम किया।"
सुरक्षित लौटे तीर्थयात्रियों से मिले जयशंकर, नेपाल सेना का जताया आभार
जयशंकर ने कहा, "मैं बस उनसे मिलने, उनके सुरक्षित होने पर राहत जताने और उनके अनुभवों के बारे में जानने आया था।" उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों ने अपनी जान बचाने के प्रयासों के लिए नेपाल सेना का बहुत आभार व्यक्त किया। बचाए जाने के बाद, काठमांडू में भारतीय दूतावास ने उनकी भारत वापसी में मदद की।
315 से ज्यादा भारतीय अब भी संपर्क से बाहर, 85 का हुआ रेस्क्यू
जयशंकर ने कहा कि मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "हमारा पूरा ध्यान वहां मौजूद सभी भारतीयों से संपर्क करने पर है। हमारा मानना है कि 315 से ज्यादा भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। लगभग 85 भारतीयों को अलग-अलग जगहों से बचाया गया है।"
नेपाल के विदेश मंत्री से बातचीत, राहत अभियान में भारत ने दोहराया सहयोग का संकल्प
विदेश मंत्री ने अपने पड़ोसी देश की मदद करने के भारत के संकल्प को दोहराया और राहत कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए नेपाल के विदेश मंत्री के साथ सुबह हुई बातचीत का जिक्र किया। जयशंकर ने एक पोस्ट में कहा, "उनका अनुभव सीधे सुनकर बहुत भावुक हो गया। इस बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना और सरकार का धन्यवाद। भारत लौटने में मदद करने के लिए काठमांडू में भारतीय दूतावास की सराहना करता हूँ।"
सुरंग में फंसे लोगों के लिए खास टीम भेजेगा भारत, बेली ब्रिज भी तैयार
भारत एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर बचाव कार्य में मदद के लिए एक खास टीम भेज रहा है, जहाँ लोगों के सुरंग में फँसे होने की आशंका है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज भी भेज रहा है और अनुरोध किए जाने पर मेडिकल टीमें और NDRF के जवान भेजने के लिए भी तैयार है।
राहत सामग्री लेकर दो विमान नेपाल पहुंचे, तीसरी उड़ान आज रवाना होगी
जयशंकर ने कहा, "ज़रूरी सामान लेकर दो विमान पहले ही नेपाल पहुँच चुके हैं, और तीसरी उड़ान आज रवाना होने वाली है।" इस ऑपरेशन की "पड़ोसी पहले" (Neighborhood First) भावना पर जोर देते हुए जयशंकर ने कहा, "हमने उन्हें कई तरह की मदद की पेशकश की है, वे उस पर विचार कर रहे हैं। उन्हें जो भी सही लगेगा, वे अपनी जरूरतों के हिसाब से चुन लेंगे।"
नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ से भारी तबाही, फंसे लोगों की वापसी पर भारत का फोकस
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास शुरू हुई अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं और तीर्थयात्रा के मुख्य रास्ते बाधित हो गए हैं। सभी नागरिकों की सुरक्षित और तेजी से वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार नेपाली अधिकारियों और फँसे हुए लोगों के परिवारों के संपर्क में है। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ के नए खतरे के बीच बचाव दल जुटे, मरने वालों की संख्या 538 हुई तथा 977 लापता