टोक्यो। जापान की एक अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या करने वाले शख्स को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जापान के पूर्व पीएम शिंजो के हत्यारे को उम्रकैद की सजा
जापान की एक अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या करने वाले शख्स को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तेत्सुया यामागामी ने 2022 में शिंजो आबे को गोली मारकर हत्या करने की बात कबूल की थी।
अभियोजन पक्ष ने विश्वयुद्ध के बाद के इतिहास में इस घटना को अभूतपूर्व बताते हुए आजीवन कारावास की मांग की थी। 'अल जजीरा' के अनुसार अभियोजन पक्ष ने कहा था कि समाज में इसके अत्यंत गंभीर परिणाम होंगे। इस मामले ने जापान की सत्तारूढ़ पार्टी और एक विवादास्पद दक्षिण कोरियाई चर्च के बीच दशकों पुराने घनिष्ठ संबंधों को उजागर किया है। जापान के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में शामिल शिंजो आबे प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद एक नियमित सांसद के रूप में कार्यरत थे। इसी दौरान 2022 में पश्चिमी शहर नारा में चुनाव प्रचार के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने सख्त बंदूक नियंत्रण वाले देश को स्तब्ध कर दिया।
चर्च से हत्या का कनेक्शन?
45 वर्षीय तेत्सुया यामागामी ने अक्टूबर में शुरू हुए मुकदमे में हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा का ऐलान किया। शूटर ने कहा कि वह एक विवादास्पद चर्च के प्रति नफरत से प्रेरित था। यामागामी ने कहा कि उसने आबे की हत्या उस समय की जब उसने पूर्व नेता की ओर से यूनिफिकेशन चर्च से जुड़े एक समूह को भेजा गया एक वीडियो संदेश देखा। उसने आगे कहा कि उसका उद्देश्य उस चर्च को नुकसान पहुंचाना था, जिससे वह नफरत करता था और आबे के साथ उसके संबंधों को उजागर करना था।
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