सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घाटे के बावजूद अपने 15 लाख एजेंटों के कमीशन में कोई कटौती न करने का बड़ा फैसला लिया है।
मुंबई।
निजी बीमा कंपनियों से उलट सार्वजनिक क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी ) घाटे के बावजूद एजेंटों के कमीशन में कटौती नहीं करने का फैसला किया है। इसी के साथ देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तीन सामान्य बीमा कंपनियों ने भी एजेंट कमीशन न घटाने के संकेत दिये हैं।
एलआईसी के सूत्रों के अनुसार, एजेंटों का कमीशन मौजूदा स्तर पर ही बना रहेगा, जिससे 15 लाख एजेंटों को राहत मिलेगी। यह एजेंट्स एलआईसी के नए कारोबार का 95 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं।
एक अग्रणी बिजनेस दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार देश की सबसे बड़ी बीमा जीवन कंपनी एलआईसी ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी ) घाटे की भरपाई के लिए अपने मौजूदा एजेंटों के माध्यम से ज़्यादा पॉलिसी बिक्री और नए उत्पादों की आकर्षक कीमतों की रणनीति अपनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने ग्राहक-केंद्रित होने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, जीएसटी कटौती का पूरा लाभ पॉलिसीधारकों को दे दिया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की इस बीमा कंपनी एलआईसी का वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में जीवन बीमा बाजार में 63.51 प्रतिशत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही है।
इसी के साथ जनरल एश्योरेंस सेक्टर की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों - न्यू इंडिया, ओरिएंटल, यूनाइटेड और नेशनल इंश्योरेंस से भी बीमा एजेंटों के राहत की खबरें आयी हैं। इन कंपनियों ने भी एजेंट कमीशन फिलहाल नहीं घटाने का फैसला किया है। ये सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियां कमीशन में कटौती किए बिना आईटीसी के नुकसान को वहन कर रही हैं।