बिहार के भोजपुर जिले में आरा स्टेशन के पास रविवार तड़के महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। जानें शुरुआती जांच में क्या हुआ है खुलासा।
भोजपुर (बिहार)। बिहार के भोजपुर जिले में रविवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। आरा रेलवे स्टेशन के पास महानंदा एक्सप्रेस (Mahananda Express) के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है। रेलवे अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप के बाद अब ट्रैक पर यातायात पूरी तरह से सामान्य कर दिया गया है।
सिग्नल ओवरशूट या तकनीकी खामी? जांच जारी
हादसे के तुरंत बाद रेलवे का आपातकालीन दल मौके पर पहुंच गया था। शुरुआती जांच में दुर्घटना की वजह मानवीय चूक और तकनीकी खामी, दोनों एंगल से देखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लोको पायलट ने सिग्नल को पार (Overshoot) कर दिया था। हालांकि, रेलवे प्रशासन इस बात की भी गहन तफ्तीश कर रहा है कि कहीं यह सिग्नलिंग सिस्टम की कोई तकनीकी खराबी (Signalling Error) तो नहीं थी। आरा स्टेशन के प्रबंधक एनके राय ने पुष्टि की है कि बेपटरी होने की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर बहाली (Restoration) का काम पूरा कर लिया गया है।
तड़के 4:15 बजे हुआ हादसा, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
स्टेशन प्रबंधक एनके राय के मुताबिक, यह घटना रविवार तड़के करीब 4:15 बजे घटित हुई। महानंदा एक्सप्रेस जब आरा स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी ट्रेन के दो डिब्बे पटरियों से उतर गए। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि बेपटरी हुए इन दो डिब्बों में से एक जनरल कोच (General Coach) था। तड़के का समय होने के कारण अधिकांश यात्री सो रहे थे, लेकिन झटके के साथ ट्रेन रुकने से यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चार घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक बहाल
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। तकनीकी और बचाव दल ने डिब्बों को वापस ट्रैक पर लाने के लिए करीब चार घंटे तक कड़ी मशक्कत की। इस सफल ऑपरेशन के बाद रेलवे लाइन को पूरी तरह से साफ कर दिया गया और उस रूट पर अन्य ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से फिर से शुरू कर दिया गया है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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