SCO Summit 2026: बिश्केक में पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन और अर्मेनिया के पीएम पशिनियन से मुलाकात की। पश्चिम एशिया समेत अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। पढ़ें पूरी खबर।
Prime Minister Narendra Modi meets Iranian President Masoud Pezeshkian in Bishkek |
बिश्केक (किर्गिस्तान)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा का आग्रह करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच नाविकों और नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
इससे पहले आज, पीएम मोदी ने अपने अर्मेनियाई समकक्ष निकोल पशिनियन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा और विस्तारित करने के लिए अर्मेनिया के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है।
रूस के राष्ट्रपति और नोमैड गेम्स में शिरकत
इसके बाद पीएम मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने और किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर छठे विश्व नोमैड गेम्स के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। बिश्केक के लिए रवाना होने से पहले, ईरानी राष्ट्रपति ने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रामकता का मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देगा।
क्षेत्रीय स्थिरता पर ईरानी राष्ट्रपति का बयान
उन्होंने क्षेत्र में अस्थिरता को सभी देशों के लिए हानिकारक बताया और आर्थिक एवं सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है और क्षेत्र के अधिकांश नेता इसमें उपस्थित रहेंगे। ऐसे समय में जब कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं विश्व में एक एकीकृत मंच बनाने का प्रयास कर रही हैं, यह बैठक वैश्विक मंच पर विविध और स्वतंत्र आवाजों के अस्तित्व का प्रतीक मानी जाती है।"
साझा इतिहास और क्षेत्रीय शांति पर जोर
ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्र के देशों के प्राचीन और सभ्य इतिहास पर जोर देते हुए कहा, "हम एक ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जिसका भाग्य, इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुरानी है, और हम हमेशा एक-दूसरे के साथ संवाद, सह-अस्तित्व और विकास में रहे हैं। इसलिए, शांति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सभ्यता इसी भूमि से उत्पन्न हुई हैं और यह स्वाभाविक है कि हमें आज की दुनिया में इस प्रवृत्ति को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।"
ईरान के साथ कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा
इस साल मार्च में, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बात की थी। बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री को ईरान की स्थिति के बारे में जानकारी दी और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। पीएम मोदी ने भारत के इस निरंतर रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ईरान समेत इस इलाके में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को भारत की प्राथमिकता बताया, साथ ही ऊर्जा और सामान की बिना रुकावट आवाजाही के महत्व पर भी बल दिया।
SCO शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकें
मंगलवार को होने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे और समूह के भीतर सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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