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तीन राज्यों में NIA की तलाशी

IMK रेडिकलाइज़ेशन मामले में NIA ने असम, बंगाल और केरल में 16 जगहों पर की छापेमारी

NIA ने IMK से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साजिश और असम में कट्टरपंथ के मामले में तीन राज्यों की 16 जगहों पर तलाशी ली।

imk रेडिकलाइज़ेशन मामले में nia ने असम बंगाल और केरल में 16 जगहों पर की छापेमारी

NIA Searches 16 Locations in Assam, Bengal and Kerala in IMK Case |

नई दिल्ली (भारत)। IMK मामले में NIA ने तीन राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में कुल 16 ठिकानों पर तलाशी ली है। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई इमाम महमूदर काफिला (IMK) से जुड़ी कथित सीमा-पार आतंकी साजिश और असम में कट्टरपंथ से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। NIA ने इससे पहले मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

असम में 10 और पश्चिम बंगाल में पांच जगहों पर कार्रवाई

NIA के अनुसार, कुल 16 जगहों में से 10 असम, पांच पश्चिम बंगाल और एक केरल में है। यह कार्रवाई IMK द्वारा रची गई आतंकी साजिश के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद की जा रही है।

11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

एंटी-टेरर एजेंसी ने मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। गुवाहाटी में NIA की स्पेशल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में विचारधारा फैलाने का आरोप

NIA की जांच में पता चला कि आरोपी IMK की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। जांच के मुताबिक, JMB के इस रूप का मकसद पश्चिम बंगाल और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिसमें असम और त्रिपुरा शामिल हैं, में आतंकी संगठन की विचारधारा फैलाना था। इसमें चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने, आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत में संगठन का नेटवर्क बढ़ाने की बात सामने आई।

इमाम महमूद हबीबुल्लाह पर IMK बनाने का आरोप

एंटी-टेरर एजेंसी की जांच के अनुसार, JMB के सीनियर सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारतीय धरती पर प्रतिबंधित संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए IMK बनाया था। NIA ने जांच के दौरान संगठन की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की।

गुप्त बैठकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल का आरोप

NIA की जांच में यह भी सामने आया कि चार्जशीट में नामजद 11 आरोपियों ने गुप्त बैठकों, धार्मिक कट्टरपंथ सिखाने वाले कार्यक्रमों और चरमपंथी साहित्य के प्रसार के जरिए IMK/JMB की मौजूदगी बढ़ाने की साजिश रची थी। जांच के मुताबिक, भारत-विरोधी प्रचार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया और IMK/JMB के नेतृत्व के प्रति निष्ठा को बढ़ावा दिया गया।

नसिमुद्दीन और जागीर मिया की भूमिका

चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से दो की पहचान नसिमुद्दीन और जागीर मिया के तौर पर हुई है। NIA के मुताबिक, नसिमुद्दीन असम में IMK की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा था, जबकि जागीर मिया त्रिपुरा में संगठन की कमान संभाले हुए था। जांच के दौरान NIA को कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। एजेंसी के अनुसार, इन सामग्रियों का इस्तेमाल आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार करने में किया गया। (Source: ANI)

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