Petrol consumption increased : त्योहारों के दौरान यात्रा में तेजी के कारण अक्टूबर में भारत में पेट्रोल की बिक्री पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई..
पेट्रोल की खपत बढ़ी, लेकिन डीजल में गिरावट.. |
Petrol consumption increased : त्योहारों के दौरान यात्रा में तेजी के कारण अक्टूबर में भारत में पेट्रोल की बिक्री पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, ना है कि औद्योगिक इकाइयों मेंइस दौरान डीजल की खपत स्थिर रही जो इस रुझान के उलट है। यह जानकारी उद्योग के शुरुआती आंकड़ों से मिली है। प्रमुख अर्थशास्त्रियों के अनुसार पेट्रोल की खपत बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संदेश है, लेकिन डीजल की खपत में गिरावट अर्थव्यवस्था के सुस्त होने की ओर इशारा करते हैं।
अर्थशास्त्रियों का मा कच्चा माल की आपूर्ति और फैक्ट्रियों में तैयार उत्पादों के परिवहन में बहुतायत में डीजल ट्रकों और अन्य वाहनों का ही प्रयोग होता है। डीजल की खपत में कमी का सीधा अर्थ है कि औद्योगिक उत्पादन में भी गिरावट हो रही है। इसका अंदाजा आने वाले कुछ दिनों में जारी होने वाले आंकड़ों से खुलासा हो सकता है।
हालांकि अर्थव्यवस्था का जानकार एक वर्ग इस थ्योरी को नकार रहा है। इनका कहना है कि डीजल की बिक्री में गिरावट का मुख्य कारण सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों का बढ़ता इस्तेमाल है, जिससे वाणिज्यिक वाहनों और कृषि मशीनरी में इस्तेमाल होने वाले डीजल की मांग कम हो रही है। इसके अलावा, दिल्ली जैसे शहरों में पुराने और जीवनकाल पूरा कर चुके वाहनों पर लगे प्रतिबंधों का भी डीजल बिक्री पर असर पड़ा है।
अक्टूबर में पेट्रोल की खपत सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 36.5 लाख टन हो गई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार त्योहारों के सीजन की शुरुआत से ईंधन की मांग बढ़ने के कारण अक्टूबर में पेट्रोल की खपत सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 36.5 लाख टन हो गई। सितंबर में पेट्रोल की बिक्री 34 लाख टन रही थी। देश में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन डीजल की बिक्री अक्टूबर में मामूली गिरावट के साथ 76 लाख टन रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 76.4 लाख टन थी।
ऐतिहासिक रूप से, जून में बारिश के मौसम के आगमन के साथ डीजल की खपत में गिरावट आती थी, क्योंकि सिंचाई पंप चलाने के लिए ईंधन की मांग कम हो जाती थी और वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती थी। हालांकि, अक्टूबर से बिक्री बढ़ जाती थी क्योंकि बारिश कम होती है और त्योहारी सीजन की वजह से ट्रक की आवाजाही भी बढ़ती है। लेकिन इस साल, यह रुझान उलट गया है और अक्टूबर में खपत में बढ़ोतरी के बजाय मामूली गिरावट देखी गई।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल की खपत अक्टूबर, 2023 की तुलना में 16.3 प्रतिशत अधिक थी, जबकि इस साल डीजल की बिक्री अक्टूबर, 2023 की 76.3 लाख टन की मांग से कम रही। विमान ईंधन या एटीएफ की खपत में लगातार सुधार जारी रहा और अक्टूबर में यह 1.6 प्रतिशत बढ़कर 7,69,000 टन हो गई। यह अक्टूबर, 2023 की तुलना में 11.11 प्रतिशत अधिक है। 2019 से, एटीएफ की खपत 1.65 प्रतिशत सालाना दर से बढ़ी है।
अक्टूबर में रसोई गैस या एलपीजी की बिक्री 5.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 30 टन हो गई, क्योंकि घरेलू खाना पकाने की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। इस वृद्धि का एक प्रमुख कारण ईंधन की घरेलू मांग है। भारत ने सब्सिडी वाली एलपीजी आपूर्ति योजना पीएमयूवाई में 25 लाख नए घर जोड़े हैं जिससे इसके अंतर्गत आने वाले परिवारों की संख्या 10.33 करोड़ से बढ़कर 10.58 करोड़ हो गई है।
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