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बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर

मथुरा में अवैध मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की छापेमारी, 46 हजार की दवाएं सीज

मथुरा के महावन क्षेत्र में बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग ने छापा मारकर 46 हजार रुपये की दवाएं सीज कीं। दो दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

मथुरा में अवैध मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की छापेमारी 46 हजार की दवाएं सीज

Mathura Drug Department Seizes Medicines Worth Rs 46,000 from Illegal Medical Store |

मथुरा (उत्तर प्रदेश)। जिले में बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रहे अवैध मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी क्रम में विभाग ने महावन तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मेडिकल स्टोर से करीब 46 हजार रुपये मूल्य की एलोपैथिक दवाएं सीज की हैं। कार्रवाई के दौरान दो दवाओं के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।

औषधि विभाग ने ऑनलाइन शिकायत पर की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 22 अक्टूबर 2026 को सहायक आयुक्त (औषधि) आगरा मंडल, आगरा अरविंद कुमार गुप्ता के निर्देश पर की गई। औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने विभागीय ऑनलाइन शिकायत के आधार पर थाना बलदेव क्षेत्र के अंतर्गत तहसील महावन स्थित ग्राम नगला संजा में पंचायत भवन के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा।

बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर

मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि जितेंद्र जैन पुत्र अनिल द्वारा बिना किसी वैध औषधि विक्रय लाइसेंस के दवाओं का भंडारण और क्रय-विक्रय किया जा रहा था। जब औषधि निरीक्षक ने लाइसेंस से संबंधित कागजात मांगे तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रथम दृष्टया यह अवैध रूप से दवाओं का कारोबार पाया गया।

दो दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए

इस पर औषधि निरीक्षक ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दुकान में रखी सभी एलोपैथिक दवाओं का विवरण फॉर्म-16 पर दर्ज किया और लगभग 46 हजार रुपये मूल्य की दवाओं को मौके पर ही सीज कर दिया। साथ ही संदिग्ध गुणवत्ता की आशंका पर दो दवाओं के नमूने लेकर जांच एवं विश्लेषण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

अवैध मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी

औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने बताया कि बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने और पूरी विवेचना के बाद दोषी के खिलाफ सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल किया जाएगा। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से मेडिकल स्टोर संचालित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। 

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