प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

दिल्ली में RSS के शताब्दी समारोह में बोले पीएम..

'संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ', दिल्ली में RSS के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी

PM Modi : पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ है. संघ के स्वयंसेवक समाज को समृद्ध करने में जुटे हैं.

संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ  दिल्ली में rss के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी

'संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ', दिल्ली में RSS के शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी |

PM Modi : पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ है. संघ के स्वयंसेवक समाज को समृद्ध करने में जुटे हैं. वे दिल्ली में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. पीएम मोदी ने 100 रुपए का सिक्का भी जारी किया.

 

उन्होंने कहा कि यह अविरल तप का फल है, यह राष्ट्र प्रवाह प्रबल है. पीएम ने कहा कि आदिवासी कल्याण से लेकर विविध क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक काम कर रहे हैं. धाराएं बढ़ीं, लेकिन विरोधाभास नहीं. विचार एक ही है- राष्ट्र निर्माण. संघ ने राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण की राह चुनी. इसके लिए शाखाएं शुरू हुईं.

उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण की वेदी हैं. इन शाखाओं में त्याग पनपता रहता है. पीएम ने कहा कि अहं से वयम तक की यात्रा शाखाओं में पूरी होती है. शाखा जैसी सरल जीवन पद्धति ही संघ के सौ वर्षों के सफर का आधार बने. उन्होंने कहा कि समर्पण, सेवा और राष्ट्र निर्माण की साधना से. संघ ने जिस कालखंड में जो चुनौती आई, उसमें संघ ने खुद को झोंक दिया.

'सामाजिक बराबरी का अर्थ'

पीएम मोदी ने कहा कि सामाजिक बराबरी का अर्थ है. वंचितों को प्राथमिकता देकर सामाजिक न्याय की स्थापना करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना। आज, ऐसे संकट उभर रहे हैं, जो हमारी एकता, संस्कृति और सुरक्षा पर सीधा प्रहार करते हैं. अतिवादी सोच, क्षेत्रवाद, जाति-भाषा पर विवाद और बाहरी ताकतों द्वारा भड़काए गए विभाजन. ये सभी अनगिनत चुनौतियाँ हमारे सामने खड़ी हैं.

उन्होंने कहा, आज जारी किया गया स्मारक डाक टिकट एक श्रद्धांजलि है, जो 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में गर्व से मार्च करने वाले आरएसएस स्वयंसेवकों की याद दिलाता है. अपनी स्थापना के बाद से आरएसएस ने राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है. आरएसएस समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी कोई अंतर्विरोध नहीं होता, क्योंकि ये सभी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं.

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/importance-and-contribution-of-rashtriya-swayamsevak-sangh/77379
 

Related to this topic: