ओडिशा तट पर डीआरडीओ द्वारा 'प्रलय' क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया गया है। इसके साथ ही सेना में इसके शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गुरुवार को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लगभग 11:10 बजे 'प्रलय' क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है।
चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज द्वारा तैनात विभिन्न रेंज उपकरणों से मिले परीक्षण डेटा से इस बात की पुष्टि हुई है कि इस टेस्ट के सभी निर्धारित उद्देश्य पूरी तरह से सफल रहे हैं।
स्वदेशी तकनीक से हुआ निर्माण
इस आधुनिक मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है।
इसके विकास-सह-उत्पादन साझेदारों में शामिल भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने इस संपूर्ण मिसाइल सिस्टम का निर्माण किया है।
यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का हिस्सा
यह उड़ान परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल (उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण) के एक अहम हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।
इस दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और रक्षा बलों के तमाम गणमान्य सदस्य मौके पर मौजूद रहे। इस सफल परीक्षण के बाद अब इस रक्षा प्रणाली को सेना में शामिल किए जाने की प्रक्रिया बिल्कुल करीब आ गई है।
रक्षा मंत्री और डीआरडीओ प्रमुख की बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, रक्षा बलों और सभी उद्योग साझेदारों को अपनी ओर से बधाई दी है।
उन्होंने अपने बयान में कहा, "अत्याधुनिक तकनीकों से लैस यह मिसाइल, उभरते खतरों के खिलाफ सेना की तकनीकी क्षमताओं और परिचालन तैयारियों को और मजबूत करेगी।"
वहीं, रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी इस ऐतिहासिक उड़ान परीक्षण से जुड़ी पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
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