पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान कांग्रेस और हिंदू महासभा के नेताओं को कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का मामला गरमा गया है।
पीलीभीत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न्यूरानपुर दौरे के दौरान हिंदू संगठनों और कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस ने बिना लिखित आदेश के नजरबंद करने का आरोप लगाया है। वहीं, हिंदू महासभा ने भाजपा का साथ देने के बावजूद हाउस अरेस्ट करना दुर्व्यवहार बताया है। एसपी से मुलाकात कर हिंदू महासभा ने सीएम के दौरे पर पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
CM योगी के कार्यक्रम में नजरबंदी से नाराज हिंदू महासभा
दरअसल, नूरानपुर में रामकथा में 3 नंवबर को सीएम योगी शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस नेता और हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को घर में हीं नजरबंद कर दिया था। इसी कार्यवाही के विरोध में हिंदू महासभा ने नाराजगी जताई है। हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा का कहना है कि भाजपा को जिताने के लिए संगठन के कार्यकर्ता मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। जब हिंदू संगठनों के लोगों को अपनी ही सरकार में इस तरह के कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो वे अपनी बात किसके सामने रखेंगे।
भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी जनसमस्याएं उठाते हैं और लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे पर उन्हें घरों में नजरबंद करना उचित नहीं है, इसका जवाब जरूर दिया जाएगा। वहीं, कांग्रेस के मुताबिक शहर अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार, छात्र कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा और जिला महासचिव मो. अजीम को बिना लिखित आदेश के नजरबंद किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट हेमंत मिश्रा का कहना है कि शहर अध्यक्ष अपने आवास पर मौजूद नहीं हैं। इसके बावजूद पुलिस वहां बैठी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।
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