उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पूर्व डीजीपी और रिटायर्ड आईपीएस डॉ. प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी ने बुधवार को इस नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किया गया है। प्रशांत कुमार का कार्यकाल 3 साल का होगा। नये अध्यक्ष की तैनाती के साथ ही आयोग में लंबित शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
शिक्षक भर्ती की जिम्मेदारी
प्रशांत कुमार की गिनती मुख्यमंत्री योगी के खास लोगों में होती है। उनकी पत्नी रिटायर्ड आईएएस डिम्पल वर्मा रीयल स्टेट के मामलों के महत्वपूर्ण आयोग रेरा की सदस्य हैं। इस प्रकार प्रशांत कुमार और उनकी पत्नी दोनों को रिटायर्मेंट के बाद अहम पद पर नियुक्ति मिल गयी है। प्रशांत कुमार ने अप्लाइड जूलॉजी में MSc, डिजास्टर मैनेजमेंट में MBA और डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज में M.Phil की डिग्रियां हासिल की हैं। मालूम हो कि यूपी सरकार ने 2024 में उच्च और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग का विलय कर दिया था। दोनों आयोग को मिलाकर यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाया था। पहली अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पांडेय थीं। उन्होंने हाल ही में इस्तीफा दे दिया था। अब प्रशांत कुमार आयोग के दूसरे अध्यक्ष होंगे।
तीन साल का होगा कार्यकाल
पूर्व अध्यक्ष कीर्ति पांडेय के इस्तीफे के बाद आयोग के काम ठप पड़े थे। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंटरव्यू के साथ टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थींं। उम्मीद है कि नए अध्यक्ष की औपचारिक नियुक्ति के साथ नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो जाएंगी। प्रशांत कुमार ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि उनकी प्राथमिकता आयोग में पारदर्शी तरीके व मेरिट से भर्तियों को पूरा कराना है। उन्होंने कहा कि जिन भर्तियों के अधियाचन आयोग को मिल चुके हैं, उनकी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाएगी।
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