दिल्ली में आस्था कुंज पार्क घटना के बाद भड़के छात्र आंदोलन का राहुल गांधी ने समर्थन किया और महिलाओं को घरों में बंद रखने की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अपराधों की सजा महिलाओं पर पाबंदी लगाकर नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाकर अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है।
महिलाओं पर पाबंदी नहीं, सुरक्षा जरूरी: राहुल
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा, "महिलाओं को उनके खिलाफ होने वाले अपराधों की सजा देना बंद करें। हमारे पूरे देश में महिलाएं सड़कों पर निकलने से डरती हैं, उत्पीड़न से डरती हैं, बलात्कार से डरती हैं। और सरकार का जवाब है: घर पर रहें।" उन्होंने आगे कहा, "यह पितृसत्ता का काम है: ऐसी व्यवस्था जो पीड़िता को दोषी ठहराती है और अपराधी को बचाती है। इसे खत्म करने का समय आ गया है।"
सड़कों को सुरक्षित बनाने पर दिया जोर
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि इसका समाधान महिलाओं को घरों में बंद रखना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना, महिलाओं से दुर्व्यवहार करने वाले पुरुषों की मानसिकता का मुकाबला करना और हमलावरों को बिना किसी छूट के तेजी से दंडित करना है। यह बयान दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है।
23 सितंबर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन
विरोध की शुरुआत 23 सितंबर को हुई, जब लेडी श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय के लगभग 200 छात्रों ने सड़कों पर उतरकर कैंपस के आसपास खराब स्ट्रीट लाइट, लचर पुलिस गश्त और सुरक्षित परिवहन का मुद्दा उठाया। 25 सितंबर को साउथ कैंपस में सैकड़ों छात्राओं ने मार्च निकाला, जिन्हें बाद में सीरी फोर्ट रोड से अरुण जेटली पार्क ले जाया गया। इसके बाद सोमवार को फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में हफ्ते का सबसे बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया।
सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ीं
सुरक्षा को लेकर चिंताएं उस समय और बढ़ गईं जब मुखर्जी नगर के हकीकत पार्क के पास एक एसयूवी सवार पुरुषों द्वारा डीयू की दो छात्राओं का पीछा करने और छेड़छाड़ का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। वहीं, लेडी श्रीराम कॉलेज ने आस्था कुंज की घटना के बाद कुछ समय के लिए कक्षाएं ऑनलाइन चलाईं और बाद में एक छात्र सुरक्षा परिषद गठित की। डूसू ने भी असुरक्षित जगहों की जियो-टैग तस्वीरें साझा करने के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा, "भाजपा की महिला मुख्यमंत्री से दिल्ली को क्या मिला? 17 साल की लड़की के साथ कालकाजी मंदिर से लौटते वक्त उसके जन्मदिन पर तीन पुरुषों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया जाता है। एलएसआर जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज को भी ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।" उन्होंने सवाल उठाया कि नेहरू प्लेस के ठीक पीछे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी घटना कैसे हो गई।
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