रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बागडोगरा एयरफोर्स स्टेशन पर जवानों से मुलाकात कर साइबर हमलों, ड्रोन और सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील की।
बागडोगरा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बलों से कहा है कि वे उभरते सुरक्षा खतरों का असरदार तरीके से मुकाबला करने के लिए डोमेन अवेयरनेस, साइबर रेजिलिएंस और इन्फॉर्मेशन इंटीग्रिटी को मजबूत करने पर खास ध्यान देते हुए ऑपरेशनल तैयारी का सबसे ऊंचा लेवल बनाए रखें। रक्षा मंत्रालय की एक रिलीज़ के मुताबिक, दिवाली से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) के जवानों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा का माहौल तेजी से मुश्किल होता जा रहा है, जिसमें युद्ध अब सीमाओं पर पारंपरिक लड़ाइयों से आगे बढ़कर एसिमेट्रिक युद्ध, प्रॉक्सी युद्ध, साइबर हमले, ड्रोन हमले, इन्फॉर्मेशन ऑपरेशन और नैरेटिव मैनेजमेंट तक फैल गया है।
सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से सतर्क रहें जवान
रक्षा मंत्री ने कहा, अक्सर, दुश्मन सीधे टकराव से बचता है और इसके बजाय हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है। सोशल मीडिया के जरिए दुश्मन गुमराह करने वाली जानकारी फैलाकर स्थानीय लोगों और हमारे सैनिकों के मन में शक पैदा करने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में आपकी भूमिका एक आम सैनिक से कहीं ज़्यादा हो जाती है। बागडोगरा को स्ट्रेटेजिक रूप से एक अहम इलाका और भारत के सिक्योरिटी फ्रेमवर्क में खासकर नॉर्थ-ईस्ट इलाके के लिए एक अहम कड़ी बताते हुए राजनाथ सिंह ने देश के हितों की रक्षा के लिए डिफेंस फोर्स के जवानों की हिम्मत और लगन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस इलाके में तैनात एयर वॉरियर्स पूर्वी सेक्टर की सिक्योरिटी के लिए एक मजबूत ढाल का काम करते हैं, और उनकी तैयारी इस इलाके में स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है।
सेना और जनता के बीच भरोसा जरूरी
डिफेंस मिनिस्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि टेक्नोलॉजिकल तरक्की के बावजूद, डिसिप्लिन और हिम्मत ज़रूरी हैं और कहा कि डिफेंस फोर्स के जवानों का व्यवहार, बर्ताव, भाषा और कंट्रोल लोकल कम्युनिटी के बीच मिलिट्री की इमेज बनाते हैं। इन खूबियों के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए सैनिकों की तारीफ करते हुए उन्होंने उनसे लोकल आबादी खासकर बागडोगरा और उसके आसपास के इलाकों के साथ अपने जुड़ाव को मज़बूत करने और लोगों और डिफेंस फोर्स के बीच भरोसे और प्यार के गहरे रिश्ते को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, आप लोकल कम्युनिटी के साथ जितना ज़्यादा जुड़ेंगे, दुश्मन की साज़िशें उतनी ही कमज़ोर होंगी। 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने के सरकार के इरादे को दोहराते हुए राजनाथ सिंह ने ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और एडवांस्ड मिलिट्री इक्विपमेंट बनाने में भारतीय स्टार्ट-अप्स और इंडस्ट्रीज़ के बढ़ते योगदान पर ज़ोर दिया।
अग्निवीरों को मिलेगा नियमित सैनिक बनने का मौका
उन्होंने स्वदेशी टेक्नोलॉजी अपनाने और ड्रोन ऑपरेशन और साइबर सिक्योरिटी में नई स्किल्स सीखने के लिए डिफेंस फोर्सेज़ की तारीफ की। उन्होंने भविष्य की सिक्योरिटी चुनौतियों से असरदार तरीके से निपटने के लिए मिलिट्री को तेज़ी से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने की अहमियत पर ज़ोर दिया। अग्निवीरों के लिए 'दूसरे टूर ऑफ ड्यूटी' को कैबिनेट की मंजूरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को देश की सेवा करने का एक और मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि दो साल की अवधि पूरी होने पर सभी अग्निवीरों को उनकी इच्छा और चयन मानदंडों को पूरा करने के अधीन नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस फैसले को अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण दिवाली उपहार बताया और रक्षा बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
राजनाथ ने जवानों को दी दिवाली की बधाई
राजनाथ सिंह ने दिवाली की शुभकामनाएं दीं और वायु योद्धाओं और उनके परिवारों के अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान अपने परिवारों को याद करने के बावजूद कर्मी अपने साथी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने उनके बलिदान और योगदान के लिए उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां सैनिक
सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, वहीं राष्ट्र हमेशा उनके परिवारों के साथ खड़ा रहेगा और उनकी भलाई सुनिश्चित करेगा। इस मौके पर एयर कमोडोर मनीष शर्मा और IAF के दूसरे सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
(इनपुट: ANI)
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