RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि सेंट्रल बैंक रुपये की किसी कीमत या स्तर को टारगेट नहीं करता। हालांकि, विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता के लिए कदम उठाए जाएंगे।
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया है कि केंद्रीय बैंक रुपये के किसी खास भाव या स्तर को लक्ष्य नहीं बनाता है। हालांकि, फॉरेक्स मार्केट में अत्यधिक उतार-चढ़ाव और सट्टा गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित 'NDTV वर्ल्ड समिट 2026' में बोलते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कभी भी कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य बाजार में किसी भी तरह की बाधा को रोकना और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।
"रुपये के स्तर पर नहीं, स्थिरता पर फोकस"
गवर्नर मल्होत्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम रुपये के लिए किसी कीमत या स्तर को लक्ष्य नहीं बनाते हैं, लेकिन साथ ही हमारी कोशिश हमेशा यही रही है कि विदेशी मुद्रा बाजार में कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे। इसके लिए हमने कभी कोई कदम उठाने में संकोच नहीं किया है।"
उन्होंने मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाएं, पश्चिम एशिया का संघर्ष और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं ने सेंट्रल बैंकों का काम और अधिक कठिन बना दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई का दबाव
वैश्विक मोर्चे पर अर्थव्यवस्था की स्थिति पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर में महंगाई का स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है। इसमें केवल कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि अन्य कमोडिटीज की कीमतें भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया, "दूसरी तरफ, वैश्विक स्तर पर विकास दर कम है और IMF के अनुसार इस साल इसके 3.1% रहने का अनुमान है।" उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बैंकों की सबसे बड़ी और प्राथमिक जिम्मेदारी कीमतों में स्थिरता (Price Stability) बनाए रखना है, जिसके साथ ग्रोथ और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी का दोहरा मैंडेट भी जुड़ा होता है।
भारत के आर्थिक हालात और महंगाई
भारतीय अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए गवर्नर ने कहा कि जब global economic challenges का दौर शुरू हुआ था, तब भारत की स्थिति काफी अनुकूल थी। हालांकि, सप्लाई-साइड के दबाव के चलते देश में महंगाई बढ़कर 5.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बदलती आर्थिक परिस्थितियों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि RBI ने पॉलिसी रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है।
उन्होंने अंत में कहा, "हम अपने दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं-कीमतों में स्थिरता और महंगाई पर लगाम लगाना हमारा पहला लक्ष्य है, साथ ही वित्तीय स्थिरता को बनाए रखना भी उतना ही अहम है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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