निर्वासित सिंधी नेता और जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज के अध्यक्ष शफी बुरफत ने विजय दिवस के अवसर पर बांग्लादेश की जनता को कड़ा संदेश दिया।
विजय दिवस पर कड़ा संदेश
निर्वासित सिंधी नेता और जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज के अध्यक्ष शफी बुरफत ने विजय दिवस के अवसर पर बांग्लादेश की जनता को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने बांग्लादेशवासियों से अपने देश की राष्ट्रीय आजादी की नैतिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक बुनियादों की रक्षा करने की अपील की।
भारत विरोधी भावना पर आगाह
शफी बुरफत ने बांग्लादेश में बढ़ती भारत विरोधी भावना को लेकर चिंता जताई और इसके प्रति सावधान रहने को कहा। एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आजादी को मानवीय मर्यादा, स्वतंत्रता, आत्मनिर्णय और सार्वभौमता से अलग नहीं किया जा सकता।
1971 का युद्ध ऐतिहासिक मोड़
बुरफत ने स्मरण दिलाया कि बांग्लादेश की आजादी के लिए 1971 का युद्ध दक्षिण एशिया के इतिहास का निर्णायक और पारिभाषिक क्षण था। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य शासन के दौरान हुए सामूहिक अत्याचारों को समाप्त कराने में भारतीय सेना की मानवीय और निर्णायक भूमिका तथा भारत के राजनीतिक नेतृत्व के योगदान को रेखांकित किया।
शेख मुजीब और मुक्ति सेना को श्रद्धांजलि
बुरफत ने शेख मुजबुर्रहमान के नेतृत्व और मुक्ति सेना के बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने जनसंहार रोका और स्वतंत्र बांग्लादेश के उदय को सुनिश्चित किया।
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