CJP विरोध प्रदर्शन पर शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर विदेशी समर्थन से लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। जानें पूरा मामला।
भोपाल (मध्य प्रदेश)। हाल ही में संपन्न उपचुनावों में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की शानदार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने में विफल रहने के बाद विपक्ष "विदेशी ताकतों" के परोक्ष समर्थन से "सड़कों पर अराजकता" का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहा है।
उपचुनावों के नतीजों पर बोले शिवराज
चौहान ने जोर देकर कहा कि देश के मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन और दूरदर्शी नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कल हुए उपचुनावों में, चाहे बंगाल हो, असम या पुडुचेरी, भाजपा और एनडीए ने एक शानदार विजय हासिल की है। जनता का जनादेश बिल्कुल स्पष्ट है: देश की जनता यह मानती है कि हमारा संकल्प एक विकसित भारत का निर्माण करना है और हम इसे पूरा करके रहेंगे। हम इस लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"
विपक्ष पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
विपक्षी दलों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए चौहान ने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार ने उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए विवश कर दिया है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "एक तरफ देश की आम जनता विकास और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ मजबूती से खड़ी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष हताश और निराश है। वे चुनावी मैदान में न तो जीत सकते हैं और न ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकते हैं। परिणामस्वरूप, वे सड़कों पर अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, लोकतंत्र में जनता की आस्था को तोड़ने और संविधान को तार-तार करने की कोशिशें कर रहे हैं।"
चौहान ने आगे आरोप लगाया, "विपक्ष यह सब अकेले नहीं कर रहा है, बल्कि इसके पीछे विदेशी ताकतों का भी खुला समर्थन है। लेकिन देश की जागरूक जनता ने अपना रुख साफ कर दिया है कि वह विकास और पीएम मोदी के साथ है।"
राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर देश की स्थिरता को नुकसान पहुँचाने का सीधा आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "यह देश में जानबूझकर अराजकता और अस्थिरता फैलाने की विपक्षी साजिश है। मैं उनके रवैये से बेहद हैरान हूँ: वे बाहरी तत्वों और विरोधियों के प्रति नरमी बरतते हैं जबकि अपने ही देश के नागरिकों के सामने संकट पैदा करते हैं। वे सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी निचले स्तर तक गिरने को तैयार हैं, क्योंकि वे लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीत नहीं सकते।"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "उन्हें हमारे देश के उद्यमियों और उद्योगपतियों की प्रगति से भी परेशानी है। राहुल गांधी विदेशियों का समर्थन करते हैं; यही आज कांग्रेस और पूरे विपक्ष का असली चरित्र बन चुका है।"
दिल्ली में सुरक्षा और बड़े पैमाने पर हिरासत
एक तरफ जहां विभिन्न संगठनों (CJP) ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि इस प्रदर्शन के पास कोई वैध कानूनी अनुमति नहीं है। इसके मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के व्यापक और कड़े बंदोबस्त किए गए।
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट में सवार हुए CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस विमान के अंदर आकर उन्हें और उनके सहयोगियों को जबरन हिरासत में ले रही है।
वीडियो में दिपके कहते सुने गए, "आप देख सकते हैं कि दिल्ली पुलिस हमें गिरफ्तार करने के लिए सीधे विमान के अंदर आ गई है। वे गलियारे में खड़े हैं... यह नरेंद्र मोदी का डर है। इंदिरा गांधी ने भी आपातकाल के दौरान ऐसा नहीं किया था। हम केवल एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे, और हमें विमान से ऐसे उठाया जा रहा है जैसे हम कोई बड़े अपराधी हों।"
सुरक्षा व्यवस्था और डिटेंशन सेंटर
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले विभिन्न इलाकों और समूहों से आए लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या खलल को रोकने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 50 असामाजिक तत्वों को भी एहतियातन पकड़ा गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, जिसके तहत नई दिल्ली जिले को 20 ऑपरेशनल जोन में विभाजित किया गया है। हर जोन के लिए अलग से डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग समेत कई संवेदनशील जगहों पर भारी पुलिस बल, कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन के लिए पहुंचे कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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