सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी को शिफ्ट करने की योजना पर केंद्र को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने तीन हफ्ते में विस्तृत हलफनामा मांगा।
नई दिल्ली (भारत)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को नोटिस जारी किया और 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को दूसरी जगह ले जाने की योजना पर विस्तृत हलफनामा मांगा। यह लाइब्रेरी अभी राजधानी के शास्त्री भवन से चलती है और इसमें 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और दूसरे दस्तावेज़ हैं।
तीन हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने केंद्र को तीन हफ्ते के अंदर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित जगह और उसके असल लेआउट प्लान की पूरी जानकारी देनी होगी। बेंच ने यह भी साफ करने को कहा कि क्या प्रस्तावित जगह में न सिर्फ शास्त्री भवन में अभी रखी किताबें, बल्कि आरके पुरम स्थित लाइब्रेरी की सुविधा में रखा कलेक्शन भी आ पाएगा या नहीं।
प्रस्तावित जगह का पूरा प्लान मांगा
बेंच ने कहा, "तीन हफ़्ते में जवाब के साथ नोटिस जारी किया जाए। भारत सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने नोटिस स्वीकार कर लिया है। प्रस्तावित योजना बताते हुए एक विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाएगा। इसमें लाइब्रेरी के लिए आवंटित किए जाने वाले क्षेत्र की पूरी जानकारी और असल लेआउट प्लान शामिल होना चाहिए।"
रिटायर्ड जजों की चिंता पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट हरि प्रिया पद्मनाभन से भी इस मामले में 'एमिकस क्यूरी' (न्याय मित्र) के तौर पर मदद करने का अनुरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्री भवन से CSL को दूसरी जगह ले जाने के मामले में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए कार्यवाही शुरू की। शास्त्री भवन को सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत तोड़ा जाना है।
आरके पुरम की दो लाख किताबों पर सवाल
सुनवाई के दौरान, बेंच ने प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर रिटायर्ड जजों की चिंताओं पर ध्यान दिया और खास तौर पर आरके पुरम सुविधा में रखे लाइब्रेरी के कलेक्शन का जिक्र किया। बेंच ने कहा, "जाहिर है कि आप (केंद्र सरकार) आरके पुरम में रखी दो लाख किताबों को छोड़ रहे हैं। आपको एक सही हलफनामा दाखिल करना होगा।" (Source: ANI)
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