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भारतीय दवा बाजार सुरक्षित

ट्रम्प ने ब्रांडेड पेटेंट दवाओं पर लगाया 100 प्रतिशत शुल्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों का हवाला देते हुए कुछ ब्रांडेड पेटेंट दवाओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है।

ट्रम्प ने ब्रांडेड पेटेंट दवाओं पर लगाया 100 प्रतिशत शुल्क

फाइल फोटो |

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों का हवाला देते हुए कुछ ब्रांडेड पेटेंट दवाओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। ट्रम्प के इस फैसले से भारत पर मिश्रित प्रभाव पड़ने की आशंका है। हालांकि भारत पेटेंट की रॉयल्टी से मुक्त हो चुकी जेनेरिक दवाओं के निर्यात के कारण लाभ की स्थिति में है।

जेनेरिक दवाओं के कारण भारत को तात्कालिक फायदा

भारतीय दवा उद्योग अधिकांशत: जेनेरिक दवाओं का निर्यात करता है। जबकि ट्रम्प ने यह शुल्क केवल ब्रांडेड/पेटेंट दवाओं पर लगाया है। इस वजह से देशी दवा उद्योग तात्कालिक रूप से कुछ लाभ की स्थिति में है। भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में सस्ती जेनेरिक दवाएं (लगभग 90%) निर्यात करता है  जो कि ट्रम्प की नीति के दायरे में नहीं आयेगा। हालाँकि, यह निर्णय दीर्घकालिक रूप से जटिल हो सकता है।

जीटीआरआई की रिपोर्ट में भारत के सुरक्षित रहने का अनुमान

आर्थिक थिंक टैंक "जीटीआरआई" ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुछ पेटेंट दवाओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा से भारत के काफी हद तक सुरक्षित रहने की संभावना है, क्योंकि देश अमेरिका को मुख्य रूप से कम लागत वाली जेनेरिक दवाएं ही निर्यात करता है।

अमेरिकी बाजार में भारत की मजबूत पकड़

ट्रंप ने दो अप्रैल को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसमें कुछ पेटेंट दवाओं और संबंधित दवा सामग्री के आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की गई है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने एक रिपोर्ट में कहा कि इस कदम ने 'भारत को काफी हद तक सुरक्षित रखा है, क्योंकि अमेरिका को कम लागत वाली जेनेरिक दवा निर्यात में भारत का दबदबा है।'

जेनेरिक दवाओं की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में जेनेरिक दवाओं की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक है और फिलहाल इन्हें शुल्क से छूट दी गई है। वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर मूल्य की दवाओं का निर्यात किया, जो उसके 25.8 अरब डॉलर के कुल वैश्विक औषधि निर्यात का 38 प्रतिशत है।

जेनेरिक दवाएं बनीं भारत-अमेरिका व्यापार की रीढ़

सस्ती जेनेरिक दवाएं अमेरिका के साथ भारत के दवा व्यापार की रीढ़ हैं। अमेरिकी जेनेरिक बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय दवा निर्माताओं को तत्काल किसी व्यवधान का सामना करने की संभावना नहीं है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएनआइ को बताया कि जेनेरिक दवाएं फिलहाल टैरिफ से मुक्त हैं।

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