प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

कश्मीरी पंडितों को मिली जान से मारने की धमकी

कश्मीरी पंडितों को फिर आतंकी धमकी, 15 दिनों में दूसरी बार ULC का थ्रेट नोट वायरल; नाम-पते जारी

कश्मीरी पंडितों को 15 दिनों में दूसरी बार आतंकी धमकी मिली है। ULC के वायरल थ्रेट नोट में नाम-पते जारी कर निगरानी और गंभीर अंजाम की चेतावनी दी गई है। पढ़ें पूरी खबर।

कश्मीरी पंडितों को फिर आतंकी धमकी 15 दिनों में दूसरी बार ulc का थ्रेट नोट वायरल नाम-पते जारी

ULC Threatens Kashmiri Pandits Again |

नई दिल्ली। कश्मीरी पंडितों को फिर से जान से मारने की धमकी मिली है। 15 दिनों के भीतर दूसरी बार थ्रेट नोट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (ULC) आतंकी संगठन की ओर से नई धमकी दी गई है। इसमें नाम और पते दिए गए हैं। साथ ही कहा गया, 'हम आपकी हर हरकत पर नजर रख रहे हैं।'

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ थ्रेट नोट

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 'यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट' (जिसे यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल या ULC भी कहा जाता है) नाम के आतंकी संगठन की एक नई धमकी भरी चिट्ठी वायरल हो रही है। इस चिट्ठी में कश्मीरी पंडित परिवारों के नाम और पते जैसी निजी जानकारी दी गई है, जिससे समुदाय को डराने-धमकाने की कोशिशों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

विस्थापित पंडितों पर लगाए गंभीर आरोप

ऑनलाइन फैली इस धमकी भरी चिट्ठी (तारीख 23 अगस्त 2026) में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को चेतावनी दी गई है कि वे निगरानी में हैं। इसमें उन पर दिल्ली में राजनीतिक हितों के लिए काम करने वाले 'मोहरे', 'गद्दार' और 'व्हाइट-कॉलर आतंकवादी' होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में RSS से जुड़े एजेंडे को आगे बढ़ाने के आरोपी लोगों को भी निशाना बनाया गया है। चिट्ठी में लिखा है, "हम आपकी हर हरकत पर नजर रख रहे हैं और मुसीबत तब आती है जब उसे आना होता है।"

घाटी में रह गए पंडितों को बताया अलग

धमकी भरी चिट्ठी में लिखा था, "23 अगस्त, 2026 हमने कश्मीरी पंडितों को पहले ही चेतावनी दी थी कि वे इस गैर-कानूनी शासन के लिए बलि का बकरा न बनें या मोहरे के तौर पर काम न करें, वरना उन्हें अंजाम भुगतना होगा। हम यह भी साफ करना चाहते हैं कि हम उन कश्मीरी पंडितों के खिलाफ नहीं हैं जो घाटी में ही रहे और तत्कालीन गवर्नर जगमोहन के झूठे वादों के झांसे में नहीं आए। वे पंडित सुरक्षित हैं और कोई उनका विरोध नहीं करता है। हालांकि, घाटी से पलायन करने वाले सभी पंडित पाखंडी और गद्दार हैं।"

यह भी पढ़ें: सिंधु जल संधि निलंबित ही रहनी चाहिए, जम्मू-कश्मीर के पानी पर हमारा पहला हक था, उमर अब्दुल्ला

Related to this topic: