वडनगर से वाराणसी के बीच आयोजित की जा रही 35,500 किलोमीटर लंबी 'सेवा यात्रा' के तहत 20 टीमें गांवों और कस्बों में जन कल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।
वडनगर (गुजरात)। सेवा को समर्पित एक अनोखी और अपनी तरह की पहली यात्रा चल रही है, जिसमें 20 टीमें 'सेवा' के एक साझा संकल्प के साथ कुल 35,500 किलोमीटर की दूरी तय कर रही हैं। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक, टीमें वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक यात्रा करेंगी। यह यात्रा मात्र मोटरसाइकिल यात्रा नहीं है। वे कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाली गतिविधियों में सेवा
सेवा यात्री केवल समुदायों से गुजर नहीं रहे हैं। वे रुक रहे हैं, लोगों से मिल रहे हैं और स्थानीय जरूरतों को पूरा करने वाली गतिविधियों में सेवा कर रहे हैं - तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान से लेकर लाभार्थियों से बातचीत, युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद और गौ सेवा से लेकर 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत वृक्षारोपण तक। पीएम श्री स्कूलों में, यात्री परिसरों की सफाई कर रहे हैं, छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और किताबें और स्टेशनरी वितरित कर रहे हैं।
वृद्धाश्रमों में जरूरतमंदों की सहायता
अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में वे जरूरतमंदों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। विधवाओं को किट वितरित किए जा रहे हैं, आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है और समुदाय विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के लिए एकजुट हो रहे हैं। यह यात्रा संपर्क और संवाद दोनों पर समान रूप से केंद्रित है। युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद, महिला संवाद और लाभार्थियों के साथ संवाद लोगों से सीधे मिलने, उनकी आकांक्षाओं को समझने और जमीनी स्तर पर जागरूकता प्रदान करने के अवसर पैदा कर रहे हैं।
अंगदान प्रतिज्ञाएं दान की भावना को प्रोत्साहित
अंगदान प्रतिज्ञाएं दान की भावना को प्रोत्साहित करती हैं, जबकि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि समुदायों को राष्ट्र के इतिहास और उसके नायकों से जोड़ रही है। यह यात्रा सेवा, संपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक लामबंदी सहित जन भागीदारी के कई आयामों को एक साथ ला रही है और उन्हें एक जमीनी स्तर के स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा रही है। (इनपुटः ANI)
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