प्रशांत भूषण ने मोदी सरकार पर चुनावी लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने सत्ता परिवर्तन को नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
नई दिल्ली (भारत)। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को देश में सत्ता परिवर्तन की मांग करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर चुनावी लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया। राजधानी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की ओर से सत्ता परिवर्तन की कोशिशों की बात कर रही है, जबकि उनका उद्देश्य देश में चुनावी लोकतंत्र को बचाने की अपील करना है। भूषण ने कहा कि सरकार के खिलाफ असंतोष व्यक्त करना अपराध नहीं है और सत्ता परिवर्तन की मांग करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
सरकार के खिलाफ असंतोष जताना कोई अपराध नहीं
प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह सरकार लगातार कह रही है कि यह विपक्ष द्वारा सत्ता परिवर्तन की कोशिश है। हम तो बस इस देश में चुनावी लोकतंत्र को बचाने की अपील कर रहे हैं। अगर ऐसी बर्बरता जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन जरूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है? सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, और सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है।”
मौलिक अधिकारों को लेकर भी उठाए सवाल
भूषण ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “ऐसी सरकार नहीं चल सकती, जो देश में चुनावी लोकतंत्र को कुचलने पर तुली हो और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही हो।” इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और CJP के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके भी मौजूद थे।
पत्रकारों को हिरासत में लेने और परेशान करने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा ने पत्रकारों के प्रति एकजुटता जताते हुए अधिकारियों की आलोचना की। उन्होंने पत्रकारों को हिरासत में लेने और परेशान करने के आरोप लगाए। बोरा ने कहा कि पत्रकारों से कैमरे छीन लिए गए और उन्हें चेतावनी दी गई कि घटना की कवरेज करने पर उनके कैमरे वापस नहीं किए जाएंगे। उन्होंने इस घटना को मीडिया के कामकाज से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
महिला पत्रकार की FIR को लेकर नेहा बोरा ने उठाए सवाल
नेहा बोरा ने एक महिला पत्रकार का मामला भी उठाया। उनके अनुसार, महिला पत्रकार खबरें कवर कर रही थी और उसे विवेक भगत की ओर से कथित यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। बोरा ने दावा किया कि जब महिला पत्रकार FIR दर्ज कराने पहुंची, तो उसे पता चला कि उसके खिलाफ ही जवाबी FIR दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक जब न्याय की मांग लेकर पुलिस के पास जाते हैं, तो पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
शनिवार को कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने की अपील
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, CJP और अन्य संगठनों ने लोगों से शनिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस अपील का समर्थन किया है। समाचार सामग्री के अनुसार, यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ चल रहे आंदोलन का अगला कदम बताया गया है। (Source: ANI)
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