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आज का पंचांग

9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग

आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। चतुर्दशी तिथि रात करीब 9:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी।

9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग

The Chaturdashi Tithi of the month of Ashwina (Krishna Paksha) | AI Image

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: आश्विन

ऋतु: शरद ऋतु

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: चतुर्दशी — रात करीब 9:35 बजे तक, इसके बाद अमावस्या

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी — रात करीब 9:19 बजे तक, इसके बाद हस्त

योग: ब्रह्म — रात करीब 11:21 बजे तक, इसके बाद ऐंद्र

करण: विष्टि (भद्रा) — सुबह करीब 9:52 बजे तक, इसके बाद शकुनि — रात करीब 9:35 बजे तक

वार: शुक्रवार

चंद्र राशि: कन्या

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह करीब 6:19 बजे

सूर्यास्त: शाम करीब 5:58 बजे

चंद्रोदय: अगले दिन सुबह करीब 5:53 बजे

चंद्रास्त: शाम करीब 5:08 बजे

दिन का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

चर            सामान्य         प्रातः 06:19 से 07:47 बजे तक
लाभ           उन्नति          प्रातः 07:47 से 09:15 बजे तक
अमृत         सर्वोत्तम        प्रातः 09:15 से 10:43 बजे तक
काल          हानि            प्रातः 10:43 से दोपहर 12:11 बजे तक
शुभ           उत्तम           दोपहर 12:11 से 01:39 बजे तक
रोग           अमंगल        दोपहर 01:39 से 03:07 बजे तक
उद्वेग         अशुभ          दोपहर 03:07 से 04:35 बजे तक
चर            सामान्य        शाम 04:35 से 05:58 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

लाभ           उन्नति          शाम 05:58 से 07:30 बजे तक
अमृत         सर्वोत्तम        रात 07:30 से 09:02 बजे तक
चर            सामान्य        रात 09:02 से 10:34 बजे तक
रोग           अमंगल        रात 10:34 से 12:06 बजे तक
काल          हानि           रात 12:06 से 01:38 बजे तक
लाभ          उन्नति          रात 01:38 से 03:10 बजे तक
उद्वेग         अशुभ         रात 03:10 से 04:42 बजे तक
शुभ           उत्तम         प्रातः 04:42 से 06:19 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:41 से 5:30 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह करीब 11:45 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:05 से 2:52 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम करीब 5:58 से 6:22 बजे तक

राहुकाल: सुबह करीब 10:43 से दोपहर 12:11 बजे तक

यमगंड: दोपहर करीब 03:07 से 04:35 बजे तक

गुलिक काल: सुबह करीब 07:47 से 09:15 बजे तक

दिशा शूल: पश्चिम दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                राशि

सूर्य                कन्या
चंद्रमा            कन्या
मंगल            मिथुन
बुध                कन्या
गुरु                कर्क
शुक्र                तुला
शनि                मीन
राहु                कुंभ
केतु                सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

चतुर्दशी श्राद्धः पितृ पक्ष के दौरान आज चतुर्दशी श्राद्ध किया जाएगा। जिन पितरों की मृत्यु तिथि चतुर्दशी हो, उनके लिए आज श्राद्ध, तर्पण और अन्य पितृ कर्म करने की परंपरा है। श्राद्ध कर्म अपनी पारिवारिक परंपरा और योग्य पुरोहित के मार्गदर्शन में करना उचित माना जाता है।

आज क्या करें?

  • पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
  • चतुर्दशी श्राद्ध अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
  • पितृ पक्ष में सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या का पालन करें।
  • अमावस्या के आगमन को देखते हुए अगले दिन होने वाले सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध की तैयारी करें।
  • घर में साफ-सफाई रखें और धार्मिक कार्यों में कुलाचार एवं स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता दें।
  • किसी भी श्राद्ध या तर्पण कर्म के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल का ध्यान रखें।

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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