प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

आज का पंचांग

1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और अश्विनी नक्षत्र का संयोग

1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। चतुर्थी तिथि सुबह 07:41 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।

1 सितंबर 2026 मंगलवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और अश्विनी नक्षत्र का संयोग

The Chaturthi Tithi of the month of Bhadrapada (Krishna Paksha) |

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष चतुर्थी (प्रातः 07:41 बजे तक), इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ।

माह: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: मंगलवार

नक्षत्र: अश्विनी (2 सितंबर की प्रातः 02:42 बजे तक), इसके बाद भरणी।

योग: वृद्धि योग (रात्रि 11:39 बजे तक), इसके बाद ध्रुव योग।

करण: बालव (प्रातः 07:41 बजे तक), इसके बाद कौलव (सायं 06:59 बजे तक), तत्पश्चात तैतिल। 

चंद्र राशि: मेष

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:59 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:43 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: रात्रि लगभग 09:05 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: प्रातः लगभग 09:45 बजे (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

रोग                अमंगल            प्रातः 05:59 से 07:36 बजे तक
उद्वेग              अशुभ              प्रातः 07:36 से 09:13 बजे तक
चर                 सामान्य            प्रातः 09:13 से 10:49 बजे तक
लाभ               उन्नति              प्रातः 10:49 से 12:26 बजे तक
अमृत             सर्वोत्तम            दोपहर 12:26 से 02:03 बजे तक
काल              हानि                दोपहर 02:03 से 03:40 बजे तक
शुभ               उत्तम               सायं 03:40 से 05:16 बजे तक
रोग               अमंगल            सायं 05:16 से 06:43 बजे तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

काल                हानि                सायं 06:43 से 08:07 बजे तक
लाभ                उन्नति               रात्रि 08:07 से 09:31 बजे तक
उद्वेग               अशुभ              रात्रि 09:31 से 10:55 बजे तक
शुभ                 उत्तम               रात्रि 10:55 से 12:19 बजे तक
अमृत              सर्वोत्तम            रात्रि 12:19 से 01:43 बजे तक
चर                  सामान्य            प्रातः 01:43 से 03:07 बजे तक
रोग                 अमंगल            प्रातः 03:07 से 04:31 बजे तक
काल                हानि                प्रातः 04:31 से 05:59 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:55 बजे से 12:46 बजे तक।

राहुकाल: दोपहर 03:32 बजे से 05:07 बजे तक।

यमगण्ड: प्रातः 09:10 बजे से 10:45 बजे तक।

गुलिक काल: दोपहर 12:21 बजे से 01:56 बजे तक। 

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:29 बजे से 05:14 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:43 बजे से 07:05 बजे तक।

अमृत काल: रात्रि 07:42 बजे से 09:15 बजे तक।

दिशाशूल: उत्तर दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार गुड़ का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 05:59 बजे से 2 सितंबर की प्रातः 02:42 बजे तक।

अमृत सिद्धि योग: प्रातः 05:59 बजे से 2 सितंबर की प्रातः 02:42 बजे तक।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                          राशि

सूर्य                          सिंह
चंद्रमा                       मेष
मंगल                       मिथुन
बुध                          सिंह
गुरु (बृहस्पति)           कर्क
शुक्र                        कन्या
शनि                        मीन
राहु                         कुंभ
केतु                        सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

यह भी पढ़ेंः विनायक चतुर्थी पर करें गणेश पूजा, जानें व्रत विधि और महत्व

Related to this topic: