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आज का पंचांग

24 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग

24 अगस्त 2026 (सोमवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। द्वादशी तिथि सुबह लगभग 06:20 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी।

24 अगस्त 2026 सोमवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग

The Dwadashi Tithi of the month of Shravana (Shukla Paksha) |

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी (प्रातः लगभग 06:20 बजे तक), इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।

माह: श्रावण

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: सोमवार

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (रात्रि लगभग 08:28 बजे तक), इसके बाद उत्तराषाढ़ा।

योग: प्रीति योग (प्रातः लगभग 07:04 बजे तक), इसके बाद आयुष्मान योग।

करण: बव (लगभग शाम 05:23 बजे तक), इसके बाद बालव।

चंद्र राशि: धनु

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:56 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:53 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: सायं लगभग 04:35 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: रात्रि लगभग 02:57 बजे। (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

अमृत              सर्वोत्तम            प्रातः 05:56 से 07:33 बजे तक
काल               हानि                प्रातः 07:33 से 09:10 बजे तक
शुभ                उत्तम               प्रातः 09:10 से 10:47 बजे तक
रोग                अमंगल            प्रातः 10:47 से 12:25 बजे तक
उद्वेग              अशुभ             दोपहर 12:25 से 02:02 बजे तक
चर                 सामान्य           दोपहर 02:02 से 03:39 बजे तक
लाभ               उन्नति             सायं 03:39 से 05:16 बजे तक
अमृत             सर्वोत्तम           सायं 05:16 से 06:53 बजे तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

चर                सामान्य            सायं 06:53 से 08:16 बजे तक
रोग               अमंगल            रात्रि 08:16 से 09:39 बजे तक
काल              हानि               रात्रि 09:39 से 11:02 बजे तक
लाभ              उन्नति              रात्रि 11:02 से 12:25 बजे तक
उद्वेग             अशुभ             रात्रि 12:25 से 01:48 बजे तक
शुभ              उत्तम               रात्रि 01:48 से 03:11 बजे तक
अमृत            सर्वोत्तम            प्रातः 03:11 से 04:34 बजे तक
चर               सामान्य             प्रातः 04:34 से 05:56 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:59 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक।

राहुकाल: प्रातः लगभग 07:33 बजे से 09:10 बजे तक। 

यमगण्ड: प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक।

गुलिक काल: दोपहर 02:02 बजे से 03:39 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:30 बजे से 05:15 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं लगभग 06:51 बजे से 07:13 बजे तक।

दिशाशूल: पूर्व दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार दर्पण देखकर यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                  राशि

सूर्य                   सिंह
चंद्रमा               धनु
मंगल                मिथुन
बुध                  सिंह
गुरु (बृहस्पति)   कर्क
शुक्र                कन्या
शनि                मीन
राहु                 कुंभ
केतु                सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

श्रावण सोमवार: 24 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने की धार्मिक परंपरा है।

पुत्रदा एकादशी का पारणा: 23 अगस्त को श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा गया था। 24 अगस्त को द्वादशी तिथि में व्रत पारण किया जाता है।

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

यह भी पढ़ेंः पुत्रदा एकादशी व्रत क्यों रखा जाता है? जानिए पूजा विधि, महत्व और भगवान विष्णु की पौराणिक कथा

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