प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पोर्टल में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का मामला सामने आया है।
पीलीभीत {उत्तर प्रदेश}: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पोर्टल में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। बीसलपुर के गांव मीरपुर वाहनपुर में एक पारिवारिक आईडी पर 52 आयुष्मान कार्ड बनने का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
एक आईडी पर 20 से 60 सदस्यों के नाम
अधिकारियों ने मामले की जांच-पड़ताल की तो जिले में करीब 1,480 संदिग्ध आयुष्मान कार्ड सामने आए। इनमें एक ही आईडी पर 20 से 60 तक सदस्यों के नाम दर्ज मिले। शासन स्तर से ऐसे कार्डों का सत्यापन करने के लिए जिला स्तर पर आयुष्मान की डीआईओ टीम को भेजा गया है। सूची मिलने के बाद जिला मुख्यालय की टीम ने चिन्हित कार्डों का सत्यापन शुरू कर दिया है और संबंधित लोगों से अभिलेख मांगे जा रहे हैं। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
जिले में 11.89 लाख लाभार्थी दर्ज
दरअसल, अगस्त माह तक जिले में 2,46,973 लाभार्थी परिवारों के 11,89,627 लाभार्थी दर्ज हैं। इनमें 8,56,758 के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। पूर्व में आयुष्मान योजना के पोर्टल पर जनसुविधा केंद्रों समेत तमाम लोगों को कार्ड बनाने का अधिकार दिया गया था। इस दौरान सामने आया कि लोगों ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से पारिवारिक आईडी में सदस्यों को जोड़कर आयुष्मान कार्ड जारी कर दिए।
व्यवस्था बंद होने के बाद शुरू हुई निगरानी
प्रदेशभर में ऐसे मामले सामने आने के बाद शासन ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया था। इसके बाद पोर्टल की जिला मुख्यालय के अलावा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के पोर्टल पर भी शासन स्तर से निगरानी शुरू हो गई थी।
एक परिवार की आईडी पर मिले 52 सदस्य
पीलीभीत में शुरुआत में सबसे पहला मामला बीसलपुर तहसील के मीरपुर वाहनपुर गांव निवासी हुसनारा पत्नी मोहम्मद शोएब का सामने आया। उनकी एक ही पारिवारिक आईडी संख्या 215040637088 पर 52 सदस्य जुड़े मिले थे। इनमें 33 महिलाएं और 19 पुरुष शामिल हैं। इसके बाद इस मामले को फ्रॉड घोषित कर दिया गया।
संदिग्ध कार्डों का सत्यापन जारी
इस गड़बड़ी के बाद जिला मुख्यालय की टीम भी सक्रिय हो गई और ऐसे मामलों की पड़ताल शुरू की। शासन की मदद से पूरे जिले में करीब 1,480 आयुष्मान के संदिग्ध कार्ड सामने आए हैं। इनमें भी बीसलपुर के मामले की तरह रिकॉर्ड में जन्मतिथियां अलग-अलग, लेकिन अभिभावक एक ही पाए गए। अब शासन से सूचना के बाद सीएमओ डॉ. बीसी पंत और आयुष्मान टीम ऐसे लोगों को चिन्हित कर जांच कर रही है और उन्हें तलब किया जा रहा है। टीम यह भी जांच कर रही है कि संबंधित लोगों के राशन कार्ड में कितने यूनिट दर्ज हैं।
(एएनआई)
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