बांदा जिले के पनगरा गांव में आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे 25 वर्षीय युवक ने कमरे में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।
बांदा (उत्तर प्रदेश)। महज दो-तीन बिस्वा जमीन,कभी मिलने वाली मजदूरी और परिवार चलाने की चिंता…जिंदगी की इन्हीं मुश्किलों के बीच पनगरा गांव के 25 वर्षीय छुट्टू वर्मा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।रविवार की सुबह तक सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था।पत्नी के मुताबिक, पति ने नाश्ता-पानी किया था और मजदूरी के लिए जाने की तैयारी थी।लेकिन कुछ ही देर में घर में ऐसा घटनाक्रम हुआ कि परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।कमरे में फंदे पर युवक का शव मिलने से परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
दो साल पहले प्रेम विवाह कर बसाया था घर
कोतवाली क्षेत्र के पनगरा गांव निवासी दिवंगत चंदा वर्मा के पुत्र छुट्टू आठ भाइयों में चौथे नंबर का था।वह अपने परिवार से अलग रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक,करीब दो साल पहले उसने प्रेम विवाह किया था।पत्नी लक्ष्मी के साथ गृहस्थी बसा रहे छुट्टू के सामने परिवार का खर्च चलाने की चुनौती थी।दंपती की अभी कोई संतान नहीं थी।
कभी काम मिलता,कभी खाली हाथ लौटना पड़ता
पत्नी लक्ष्मी के मुताबिक,परिवार के पास केवल दो-तीन बिस्वा जमीन है।इतनी कम जमीन से गुजर-बसर करना मुश्किल था,इसलिए पति खेती के साथ मजदूरी भी करते थे। लेकिन मजदूरी का काम हर दिन नहीं मिलता था।कभी काम मिल जाता तो घर का खर्च चलता,तो कभी आर्थिक परेशानियां सामने खड़ी हो जाती थीं।लक्ष्मी ने बताया कि दो दिन पहले घरेलू सामान लाने को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी, हालांकि घर में कोई बड़ा झगड़ा नहीं हुआ था।रविवार सुबह भी पति ने नाश्ता-पानी किया और करीब साढ़े नौ बजे काम पर जाने की तैयारी थी। इसी बीच अचानक उनका व्यवहार बदला और उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
अस्पताल पहुंचते ही टूटी उम्मीद
परिजन आनन-फानन में छुट्टू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे,जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।जिस घर में रोजी-रोटी की जद्दोजहद के बीच जिंदगी आगे बढ़ रही थी, वहां अचानक मातम छा गया।पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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