यूपी के बहराइच में करीब 28 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी अंगद शुक्ल उर्फ करुणेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 1.02 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बहराइच: यूपी के बहराइच जिले के हरदी थाना क्षेत्र में करीब 28 वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील प्रसाद की अदालत ने दोषी पर 1.02 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
19 सितंबर 1998 को हुआ थी घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 19 सितंबर 1998 की है। हरदी क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी राजितराम ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी अंगद शुक्ल उर्फ करुणेश ने रात में फरसे से हमला कर उनके भाई महानंद मिश्र की हत्या कर दी थी। बताया गया कि साल 1990 में मृतक महानंद मिश्र ने आरोपी के भाई की हत्या की थी। इसी घटना की रंजिश और प्रतिशोध के चलते वर्ष 1998 में महानंद मिश्र की हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में सात गवाहों के बयान कराए दर्ज
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता अपराध प्रमोद कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला आने के बाद दोषी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।
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