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गोबर के गड्ढे में डूबी 3 साल की मासूम

रातभर से गायब 3 साल की मासूम का सुबह गोबर से भरे गड्ढे में मिल शव

कमासिन थाना क्षेत्र के अछरील गांव में रातभर से गायब 3 साल की मासूम की मौत हो गई है।

रातभर से गायब 3 साल की मासूम का सुबह गोबर से भरे गड्ढे में मिल शव

3-Year-Old Girl Drowns in Dung Pit |

बांदा (उत्तरप्रदेश)। कमासिन थाना क्षेत्र के अछरील गांव में शुक्रवार सुबह का मंजर हर किसी को झकझोर गया। जिस तीन साल की मासूम परी को परिवार रातभर तलाशता रहा, उसकी लाश सुबह घर के रास्ते में बने पानी से भरे गोबर के गड्ढे में उतराती मिली। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

गाय लेकर लौटते समय भटकी मासूम

गुरुवार की देर शाम विकास सिंह की आठ वर्षीय बेटी पंखुड़ी और छह वर्षीय बेटा ओम सिंह गाय लेने खेतों की ओर गए थे। उनके पीछे-पीछे तीन वर्षीय परी भी चली गई। भाई-बहन गाय लेकर दूसरे रास्ते से घर लौट आए, लेकिन नन्ही परी रास्ता भटक गई।

गोबर के गड्ढे में डूबी मासूम

घर लौटते समय परी जैसे ही गोबर के गड्ढे के पास पहुंची, अचानक उसका पैर फिसल गया। गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। मासूम उसमें गिरकर डूब गई और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। उधर, काफी देर तक परी के घर नहीं पहुंचने पर मां मंजू देवी की बेचैनी बढ़ गई। उन्होंने पंखुड़ी से परी के बारे में पूछा तो पता चला कि वह उनके पीछे आई थी, लेकिन साथ में घर नहीं लौटी।

परिजन और ग्रामीण मासूम की तलाश में जुटे

इसके बाद परिजन और ग्रामीण मासूम की तलाश में जुट गए। दो-तीन घंटे तक हर संभावित जगह छान मारी गई, लेकिन परी का कहीं पता नहीं चला। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ओझा पुलिस टीम के साथ पहुंचे और रात करीब दो बजे तक खोजबीन करते रहे।

नदी में गिरने की आशंका से लेकर सुबह के खौफनाक मंजर तक

विकास सिंह का घर बागैं नदी के किनारे से कुछ दूरी पर है। रात में पुलिस और ग्रामीणों को आशंका हुई कि कहीं मासूम नदी में तो नहीं गिर गई। इसी आशंका के बीच पूरी रात परिवार की आंखों में नींद नहीं, बल्कि अपनी लाडली की तलाश की उम्मीद थी। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे कुछ ग्रामीण उसी रास्ते से गुजर रहे थे। तभी एक ग्रामीण की नजर पानी के ऊपर उतराती मासूम की देह पर पड़ी। खबर मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। परी को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थीं।

चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी परी

परी चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी बड़ी बहन संतोषी 11 वर्ष, पंखुड़ी 8 वर्ष और भाई ओम सिंह 6 वर्ष का है। घर की सबसे छोटी बेटी की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। 

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