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सीएम हेल्पलाइन से अनोखा आदेश..

Bhopal :  सीएम हेल्पलाइन से अनोखा आदेश, कांग्रेस ने कहा - तुगलकी फरमान..

Bhopal : सीएम हेल्पलाइन का मकसद पीड़ितों को न्याय दिलाना। सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों को तत्काल सेवाएं उपलब्ध कराना और अगर कोई अधिकारी, कर्मचारी लापरवाही बरतता है.

bhopal   सीएम हेल्पलाइन से अनोखा आदेश कांग्रेस ने कहा -  तुगलकी फरमान

Bhopal :  सीएम हेल्पलाइन से अनोखा आदेश, कांग्रेस ने कहा - आदेश तुगलकी फरमान |

Bhopal : सीएम हेल्पलाइन का मकसद पीड़ितों को न्याय दिलाना। सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों को तत्काल सेवाएं उपलब्ध कराना और अगर कोई अधिकारी, कर्मचारी लापरवाही बरतता है तो सरकार तक उसकी जानकारी पहुंचाना है, लेकिन CM हेल्पलाइन संचालक का एक आदेश सुर्खियां बटोर रहा है, जिसे कांग्रेस ने तुगलकी आदेश बताया है।

दरअसल, CM हेल्पलाइन संचालक संदीप अष्ठाना की ओर से सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र भेजकर कहा है कि समय समय पर वरिष्ठ स्तर से मिल रहे निर्देशों में सीएम हेल्पाइन पोर्टल के तहत झूठी और आदतन शिकायतकर्ताओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने, शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों व विभागों द्वारा भी समय समय पर इसे लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया कि सीएम हेल्पलाइन पर इन शिकायतकर्ताओं के बारे में टीप, जानकारी दर्ज करने की सुविधा लेवल अधिकारियों की लॉग इन आईडी में दर्ज है। इसके तहत जिले में झूठी, आदतन और ब्लैकमेलर शिकायतकर्ताओं की जानकारी एक प्रारूप में भरकर भेजने को कहा गया है। इसके लिए बाकायदा एक प्रारूप भी दिया गया है जिसमें आदतन, झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, कुल शिकायतों की संख्या, शिकायकर्ता के बारे में रिमार्क मांगा गया। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संचालक को इस तुगलकी आदेश को वापस लेना चाहिए। लोगों की यदि, सुनवाई नहीं होगी तो एक बार क्या 100 बार शिकायत दर्ज कराएंगे। CM हेल्पलाइन जनहित के लिए एक सुलभ साधन है। 

यह जनहित से जुड़ा पोर्टल

सीएम हेल्पलाइन पर वास्तविक लोग अपनी शिकायतें करते हैं। जिनकी शिकायत जायज होती है, निराकरण के बाद उन्हें लाभ भी मिल जाता है। शिकायत पूरी होने पर क्लोज कर दी जाती है। बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि कईं ऐसे हैं जो समय-समय पर अपना हित साधने के लिए शिकायतें करते हैं। कुछ आदतन शिकायकर्ता ऐसे हैं जो अफसर, कर्मचारियों के विभागीय भुगतान की जानकारी तक मांग लेते हैं, जबकि यह जनहित से जुड़ा पोर्टल है, ताकि लोगों को उनका वास्तविक हक मिल सके। जनप्रतिनिधियों को भी इससे अब खासी परेशानी होने लगी है, क्योंकि झूठी शिकायतें करने पर कहीं न कहीं जनप्रतिनिधि भी परेशान होते हैं। CM हेल्पलाइन संचालक ने प्रदेश भर से यह डेटा मांगा है कि कितने ऐसे लोग हैं, जो पोर्टल पर झूठी शिकायत करते हैं या फिर आदतन शिकायतकर्ता हैं। कांग्रेस का तो आरोप लगाने का काम है, लगाती रहती है।

सीएम हेल्पलाइन इस समय प्रदेश के अफसरों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। वजह, है समस्याओं का सही समय पर निराकरण न हो पाना। लिहाज़ा, CM हेल्पलाइन संचालक ने यह आदेश जारी किया है। अब इंतजार इस बात का है कि ज़िले के कलेक्टर इसे अमल में लाते हैं या फिर CM हेल्पलाइन संचालक इस आदेश को वापस लेते हैं। 

रिपोर्ट - सतेन्द्र सिंह भदौरिया, संवाददाता

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