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अखिलेश यादव का GDP आंकड़ों पर सवाल

'असली GDP ग्रोथ जीरो है', औरैया में अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, गिनाईं जमीनी हकीकतें

औरैया में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के 7.8% GDP आंकड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के बीच असली विकास दर 'जीरो' है, जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है।

असली gdp ग्रोथ जीरो है औरैया में अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला गिनाईं जमीनी हकीकतें

Samajwadi Party (SP) chief Akhilesh Yadav |

औरैया (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों पर आर्थिक अनुमानों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि व्यापक बेरोजगारी, बढ़ती मुद्रास्फीति और बिगड़ते नागरिक बुनियादी ढांचे की जमीनी हकीकत आधिकारिक जीडीपी वृद्धि अनुमानों के उलट है।

'आंकड़ों में दिखे आम आदमी का सच'

पत्रकारों से बात करते हुए, सपा प्रमुख ने अनुमानित विकास दर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और कहा कि आर्थिक आंकड़ों में आम नागरिकों की असल जिंदगी की झलक दिखनी चाहिए। यादव ने कहा, "न तो आप और न ही मैं अपनी मर्जी से GDP के आंकड़े बदल सकते हैं। आजकल हर चीज डेटा और सबूत पर आधारित होती है। अगर हम कोई खबर देते हैं या सोशल मीडिया पर कुछ डालते हैं, तो हमें सटीक व्यू काउंट और डिजिटल फुटप्रिंट का सटीक अंदाजा होता है। इसलिए, GDP एक गणना किया गया आंकड़ा है। भविष्य में हमारी GDP कितनी बढ़ेगी, इसका अनुमान लगाया जाता है- यह एक अनुमान ही है।"

महंगाई-बेरोजगारी ने खोली पोल

अखिलेश यादव ने आगे कहा, "हालांकि, आज जब बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है, नौकरियां नहीं हैं, महंगाई बहुत अधिक है, पेट्रोल और डीजल महंगे हैं- यहां तक ​​कि पेट्रोल की ब्लेंडिंग (इथेनॉल मिलाना) करनी पड़ रही है और आप अभी भी बुनियादी समस्याओं को ठीक नहीं कर पाए हैं, तो इसका मतलब है कि आप जो GDP का आंकड़ा बता रहे हैं, वह असली GDP नहीं है।" उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट से वास्तविक विकास शून्य होने का आभास होता है।

'GDP ग्रोथ शून्य पर अटक गई है'

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि GDP ग्रोथ शायद शून्य हो। 'शून्य GDP' का मतलब है कि चीजें बस रुकी हुई हैं- बिना किसी खास प्रगति या बदलाव के वैसी ही चल रही हैं जैसी पहले थीं।" उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं की हालत पर बात करते हुए, यादव ने इलाके के अपने दौरे का जिक्र करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया।

बदहाल बुनियादी ढांचे की हकीकत

यादव ने आरोप लगाया, "हम आज बिधूना आए हैं। चार-लेन वाली सड़क वहीं खत्म हो गई जहां पहले बनी थी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। एम्बुलेंस सेवा खराब हो गई है। 'डायल 100' पुलिस इमरजेंसी सेवा बर्बाद हो गई है। पुलिस बस अन्याय कर रही है और लोगों का शोषण करने के मौके तलाश रही है।"

पीएम मोदी के बयान पर पलटवार

अखिलेश यादव की ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने शनिवार को SRCC में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि देश 'फ्रैजाइल फाइव' (कमजोर अर्थव्यवस्थाओं वाले पांच देशों के समूह) में शामिल होने की स्थिति से निकलकर सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

'फ्रैजाइल 5' से टॉप इकॉनमी तक

उन्होंने कहा, "दुनिया भारत को 'फ्रैजाइल फाइव' (कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं) में से एक कह रही थी। आज दुनिया भारत को सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनते हुए देख रही है। सिर्फ़ पिछले हफ़्ते में, भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कई सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं। 7.8 प्रतिशत की यह ग्रोथ ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा है और व्यापार से जुड़ी कई चुनौतियां भी हैं। इन हालात में ऐसी ग्रोथ हासिल करना भारत की मजबूती और क्षमता को दिखाता है।"

विपक्ष की सोच पर पीएम का तंज

पीएम ने आगे कहा "भारत न सिर्फ आगे बढ़ रहा है, बल्कि रोजगार के नए मौके भी पैदा कर रहा है। इसके बावजूद, जिन लोगों को 2013 में गिलास आधा खाली दिखता था, वे आज भी वैसा ही सोचते हैं। उनके लिए गिलास हमेशा आधा खाली ही रहेगा। मैं गिलास की बात कर रहा हूँ। मैं किसी चीज के खाली रहने की बात नहीं कर रहा हूं।" 

पहली तिमाही में 7.8% विकास दर

गौरतलब है कि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून अवधि को कवर करने वाले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2026 की इसी तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी।

RBI के अनुमान से आगे निकली GDP

ग्रोथ का यह ताजा आंकड़ा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा पहले अनुमानित 7 प्रतिशत (Q1 FY27) की ग्रोथ से भी अधिक था। RBI ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने वास्तविक GDP ग्रोथ के अनुमान को भी 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया था। मौजूदा कीमतों पर मापी गई नॉमिनल GDP का अनुमान वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 88.27 लाख करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह 80.00 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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