समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को डॉ. सत्य नारायण सचान ने 'कौशिक समिति की रिपोर्ट' पुस्तक भेंट की। चर्चा में गैरसैंण राजधानी और पलायन का मुद्दा छाया रहा।
Dr. Sachan presenting a book to Akhilesh Yadav |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उत्तराखण्ड के प्रमुख समाजवादी नेता एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्य नारायण सचान लिखित पुस्तक "कौशिक समिति की रिपोर्ट एवं उत्तराखंड के सवाल" पुस्तक को भेंट किया। डॉ. सचान ने अखिलेश यादव को डॉ. केपी सिंह द्वारा संपादित चौधरी चरण सिंह स्मृति ग्रंथ भी भेंट किया।
उत्तराखण्ड की राजधानी और पलायन पर बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने कहा कि नेता ने उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण की जो नीव डाली थी उसका यह दस्तावेज है। केन्द्र सरकार ने जो तीन राज्य बनाए उनमें यह ऐसा राज्य है जिसकी अपनी कोई राजधानी नही है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सामाजिक न्याय के संघर्ष को तेज किया जाएगा ताकि वहां के निवासी पिछड़ों को न्याय मिल सके।
गैरसैंण राजधानी होती तो रुकता पलायन
डॉ. सचान का कहना था कि अगर केन्द्र सरकार 24 अगस्त 1994 के उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा और विधान परिषद के प्रस्ताव को उत्तराखण्ड राज्य के गठन के समय मान लेती तो गैरसैंण राजधानी होती। पलायन रुकता और रोजगार सृजन होता।
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने लखनऊ में पूर्व सांसद मोहन सिंह की 14वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि