जनता दल (यूनाइटेड) से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने रविवार को पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।
पटना: जनता दल (यूनाइटेड) से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने रविवार को पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि JDU अब खत्म हो चुकी है और आगामी चुनावों में पार्टी को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया।
'कार्रवाई का कोई अफसोस नहीं, अपनी पार्टी बनाऊंगा'
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने की कार्रवाई का कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि JDU मूल रूप से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी थी, लेकिन अब पार्टी में कुछ नहीं बचा है। सिंह ने कहा, "मैं बस अपनी पार्टी बना लूंगा... मुझे कोई अफसोस नहीं है। जो भी एक्शन लिया गया है, वह ठीक है; मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं है। पार्टी नीतीश कुमार की थी। अब जब नीतीश कुमार (एक्टिव रोल में) नहीं हैं, तो पार्टी में क्या बचा है? लीडरशिप में से जिन्होंने मुझे निकाला था, उनमें से किसने असल में कुछ कंट्रीब्यूट किया है?... अब, उन्हें 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी... मैं कहीं क्यों जाऊंगा? मैं बस अपनी पार्टी बना लूंगा।"
'चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा'
JDU के राजनीतिक प्रभाव में कमी आने का दावा करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा, "JDU खत्म हो चुकी है। एक बार जब वे चुनाव कराएंगे, तो सब कुछ साफ हो जाएगा।"
नीतीश कुमार से रिश्तों पर क्या बोले अनंत सिंह?
पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने के बावजूद अनंत सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर सकारात्मक बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और नीतीश कुमार के बीच कोई दूरी नहीं है। सिंह ने कहा, "नीतीश जी और मेरे बीच कोई दूरी नहीं है; हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं। मैं कभी उनसे मिलने जाऊंगा—कोई दिक्कत नहीं है। उन्हें अपनी पार्टी रखने दें; वैसे भी इसका कोई असली मकसद नहीं है।"
JDU ने अनंत सिंह और नीलम देवी को 6 साल के लिए निकाला
इससे पहले, जनता दल (यूनाइटेड) ने शनिवार को मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी। इसके अलावा, पार्टी ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत बिहार विधानसभा में अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की।
पार्टी के निर्देशों की अनदेखी और विरोधी उम्मीदवार के समर्थन का आरोप
बिहार JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की कथित अनदेखी करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने तथा हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए। आदेश में दावा किया गया कि अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया था। इसी आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया गया।
विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश
पार्टी के आदेश में कहा गया, "पिछले कुछ दिनों से पार्टी के निर्देशों को लगातार नजरअंदाज करने, शीर्ष नेतृत्व के लिए गलत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के दौरान पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ उनके कामों, जिसमें दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार करना भी शामिल है, की वजह से मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह की प्राथमिक सदस्यता तुरंत रद्द की जाती है।" आदेश में आगे कहा गया कि अनंत सिंह को JDU से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है। साथ ही, बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी विधायक के रूप में सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है।
नीलम देवी की सदस्यता भी रद्द
पार्टी ने एक अलग फैसले में अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में रद्द कर दी। उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। पार्टी के आदेश में कहा गया कि नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है और उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर किया जाता है।
(ANI)
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