आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने ग्रामीण निकायों में BC के लिए 34% और शहरी निकायों में 33.33% आरक्षण को मंजूरी दी। मेयर-चेयरपर्सन के सीधे चुनाव और 28 जिला परिषदों को भी मंजूरी मिली।
अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीण लोकल बॉडीज में BC वर्ग के लिए 34% और शहरी निकायों में 33.33% आरक्षण को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मेयर व चेयरपर्सन के सीधे चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने जिला परिषदों की संख्या भी 13 से बढ़ाकर 28 करने को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ केंद्र से मिलने वाले फंड का लाभ सुनिश्चित करना है।
SC-ST आरक्षण में बदलाव नहीं
एक विज्ञप्ति के अनुसार, इसने ग्रामीण लोकल बॉडीज (RLBs) में पिछड़े वर्गों (BCs) के लिए 34% आरक्षण को मंज़ूरी दी है और शहरी लोकल बॉडीज (ULBs) में BCs के लिए 33.33% आरक्षण देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि SC और ST आरक्षण में कोई बदलाव नहीं होगा और मौजूदा आरक्षण बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगे। ये फैसला मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।
मेयर-चेयरपर्सन का होगा सीधा चुनाव
कैबिनेट ने शहरी लोकल बॉडीज में प्रत्यक्ष चुनाव शुरू करने का फैसला किया। इसने तय किया कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मेयर और चेयरपर्सन अब सीधे चुने जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण फ़ैसले में, कैबिनेट ने राज्य में जिला परिषदों की संख्या बढ़ाने को मंज़ूरी दी। मौजूदा 13 जिला परिषदों की संख्या बढ़ाकर 28 कर दी जाएगी। आंध्र प्रदेश में जिलों के पुनर्गठन के अनुरूप नई जिला परिषदें स्थापित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया तेज करने की तैयारी
ये फैसले इसलिए लिए गए क्योंकि राज्य सरकार लोकल बॉडी चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाना चाहती है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि लोकल बॉडीज को केंद्र से मिलने वाला फंड मिल सके। (Source: ANI)
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