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मलबे में दबा परिवार, बच्ची की गई जान

औरंगाबाद में मिट्टी का पुराना मकान भरभराकर गिरा, 12 वर्षीय बच्ची की गई जान; चार घायल

औरंगाबाद के ओबरा क्षेत्र में गुरुवार मध्य रात्रि पुराना मिट्टी का मकान अचानक गिरने से एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए।

औरंगाबाद में मिट्टी का पुराना मकान भरभराकर गिरा 12 वर्षीय बच्ची की गई जान चार घायल

Aurangabad House Collapse: 12-Year-Old Girl Dies, Four Injured |

औरंगाबाद (बिहार)। जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के सिंहुड़ी (बेल सिंहुड़ी) गांव में गुरुवार की मध्य रात्रि एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक पुराना मिट्टी का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के एक कमरे में एक ही परिवार के पांच लोग सो रहे थे, जो मलबे में दब गए। इस घटना में 12 वर्षीय बबली कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां पूनम देवी और तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर

मृतका बबली कुमारी कन्हाई विश्वकर्मा की पुत्री थी। घायलों में उसकी मां पूनम देवी, नंदनी कुमारी, 8 वर्षीय रिमी कुमारी और कुंदन कुमार शामिल हैं। बताया जाता है कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और कन्हाई विश्वकर्मा रोजी-रोटी के लिए गुड़गांव स्थित एक निजी कंपनी में काम करते हैं। हादसे की सूचना उन्हें दे दी गई है।

आधी रात में हुई घटना

घटना के बारे में बताया गया कि पूनम देवी अपने चार बच्चों के साथ पुराने मिट्टी के मकान में सोई हुई थी। आधी रात के करीब अचानक मकान की दीवारें और छत भरभराकर गिर गईं। हादसे की जानकारी गांव के ब्राह्मण सुदर्शन त्रिवेदी और परशुराम मिस्त्री को सबसे पहले लगी। तेज आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे और हल्ला कर सभी ग्रामीणों को जगाया।

काफी मशक्कत के बाद मलबा हटा

शोर सुनकर भरत विश्वकर्मा, उमेश सिंह, धर्मेंद्र मिस्त्री, सिपूजन मिस्त्री, मनोजी मिस्त्री सहित गांव के कई लोग आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी पांच लोगों को बाहर निकाला और औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बबली कुमारी को मृत घोषित कर दिया।

समय पर एम्बुलेंस न मिलने का आरोप

घायल 8 वर्षीय रिमी कुमारी की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि रात साढ़े तीन बजे से वे एम्बुलेंस के लिए छटपटाते रहे, लेकिन एम्बुलेंस साढ़े छह बजे सुबह जाकर मिला। इसके बाद परिजन नंदिनी को लेकर हायर सेंटर गए।

डायल 112 भी समय पर नहीं पहुंचा

ग्रामीणों ने डायल 112 के भी समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत की और स्थानीय विधायक पर फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाने की पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम के लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम कराया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों ने तत्काल पीड़ित परिवार कोआर्थिक सहायता देने की जिला प्रशासन से मांग की है।  

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