अयोध्या के दीपोत्सव में AR टेक्नोलॉजी के जरिए रामायण के पांच प्रसंग 3D विजुअल्स में दिखाए जाएंगे। इसके लिए खास मोबाइल ऐप तैयार किया गया है।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। भारत की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से अयोध्या में इस साल के दीपोत्सव के दौरान ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल के तहत विजिटर्स को भगवान राम के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख प्रसंगों को इमर्सिव 3D विजुअल्स के जरिए देखने का मौका मिलेगा। इसका उद्देश्य खास तौर पर युवा पीढ़ी और Gen Z को रामायण से जोड़ना है। इस तकनीक के माध्यम से पारंपरिक कहानी कहने के तरीके को डिजिटल अनुभव में बदला जाएगा।
मोबाइल कैमरे से देख सकेंगे रामायण के 3D दृश्य
इस पहल के तहत एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किया गया है। इसकी मदद से यूजर्स अपने मोबाइल फोन के कैमरे को मंदिर की ओर पॉइंट करेंगे, तो उनकी स्क्रीन पर रामायण के प्रसंगों से जुड़े 3D विजुअल्स दिखाई देंगे। ये डिजिटल दृश्य वास्तविक दुनिया के बैकग्राउंड पर नजर आएंगे, जिससे विजिटर्स को रामायण के प्रसंगों का इमर्सिव अनुभव मिल सकेगा। यह एप्लिकेशन Android और iOS दोनों डिवाइस के साथ कम्पैटिबल होगा।
मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताई पहल की खासियत
अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि AR टेक्नोलॉजी और 3D विजुअल्स के जरिए युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z को रामायण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कहानियों को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रस्तुत करने से वे आज के युवाओं के लिए अधिक रोचक और आसानी से समझने योग्य बनेंगी।
दीपोत्सव के 10वें संस्करण में दिखेगा डिजिटल अनुभव
मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने ANI से बातचीत में कहा, "अयोध्या में दीपोत्सव का यह 10वां एडिशन तैयारियों के लेवल और हमारी उम्मीदों, दोनों के मामले में दिव्यता और भव्यता में नए बेंचमार्क बनाने के लिए तैयार है। Gen Z से सीधे जुड़ने के लिए, हमने एक मोबाइल ऐप पेश किया है जिसे अटेंडीज़ को डाउनलोड करने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।"
उन्होंने आगे बताया कि ऐप के जरिए यूजर्स जब अपने फोन का कैमरा किसी मंदिर की ओर करेंगे, तो स्क्रीन पर रामायण की घटनाओं के 3D विजुअल दिखाई देंगे। इससे लोग उस दौर के दृश्यों और माहौल का अनुभव कर सकेंगे। उन्होंने इसे आज के युवाओं को तकनीक के माध्यम से अतीत से जोड़ने वाली एक इनोवेटिव पहल बताया।
राम की पैड़ी क्षेत्र में मिलेगा AR अनुभव
इस डिजिटल अनुभव को अयोध्या के तय राम की पैड़ी क्षेत्र में एक्सेस किया जा सकेगा। यहां जियो-फेंसिंग सिस्टम के जरिए विजिटर्स की लोकेशन के आधार पर AR फीचर्स एक्टिवेट होंगे। मोबाइल फोन के कैमरे का इस्तेमाल करके लोग अपने आसपास की वास्तविक चीजों पर रामायण के डिजिटल रूप से तैयार किए गए दृश्यों को देख सकेंगे। इस तरह वास्तविक वातावरण में रामायण के प्रसंगों का डिजिटल प्रदर्शन किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकेंगे डिजिटल दृश्य
इस पहल में विजिटर्स को AR विजुअल्स कैप्चर करने और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे दीपोत्सव के आयोजन में एक इंटरैक्टिव डिजिटल अनुभव जुड़ेगा। मोबाइल कैमरे के जरिए दिखाई देने वाले रामायण के दृश्यों को लोग अपने फोन में रिकॉर्ड कर सकेंगे और दूसरों के साथ साझा कर पाएंगे।
परंपरा और आधुनिक तकनीक को जोड़ने की कोशिश
इस टेक्नोलॉजी आधारित पहल के जरिए अयोध्या में परंपरा और आधुनिकता के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को रामायण से जुड़ने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समझने का एक नया तरीका उपलब्ध कराना है। साथ ही, इस डिजिटल अनुभव के माध्यम से अयोध्या के दीपोत्सव समारोह में एक नया आकर्षण जोड़ने की तैयारी है। (Source: ANI)
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