नई दिल्ली। भारत में आयुर्वेदिक औषधि के रूप में अश्वगंधा का काफी प्रयोग होता है, लेकिन अश्वगंधा को लेकर...
नई दिल्ली। भारत में आयुर्वेदिक औषधि के रूप में अश्वगंधा का काफी प्रयोग होता है, लेकिन अश्वगंधा को लेकर एक शोध में चौंकानेवाला खुलासा हुआ है। अश्वगंधा को लेकर हुए एक रिसर्च में सामने आया है कि अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन से लिवर और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। भारत के खाद्य नियामक (FSSAI) और आयुष मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए हेल्थ सप्लीमेंट और दवाओं में अश्वगंधा की पत्तियों (Leaves) के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। एफएसएसएआई ने कंपनियों को सिर्फ अश्वगंधा की जड़ों के इस्तेमाल की हिदायत दी है।
अश्वगंधा को 'जड़ी-बूटियों का राजा' माना जाता है। मार्केट में अश्वगंधा के सप्लीमेंट की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में कई कंपनियां प्रॉफिट कमाने के चक्कर में अश्वगंधा की जड़ों के साथ पत्तियों को भी पीसकर मिला रही हैं।अश्वगंधा की पत्तियां जड़ों के मुकाबले 100 गुना सस्ती होती हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक कंपनियों के उत्पादों की लागत काफी कम हो जाती है, लेकिन रिसर्च में पाया गया है कि अश्वगंधा के ये सप्लीमेंट फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा रहे हैं।
रिसर्च में पाया गया कि पत्तियों में 'विथफेरिन-ए' जैसे कुछ तत्व ज्यादा मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए जहरीले (Toxic) साबित हो सकते हैं। इनका सेवन करने से लीवर पर बुरा असर पड़ता है। इससे पेट की बीमारियां होने और नसों से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बना रहता है। पत्तियों के सेवन से थायराइड का लेवल भी बिगड़ सकता है। इस तरह की चिंता को ध्यान में रखकर यूरोपीय देश पोलैंड और हंगरी ने भी पत्तियों के सेवन पर रोक लगा रखी है।
इस रिसर्च के बाद भारत के खाद्य नियामक (FSSAI) और आयुष मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए हेल्थ सप्लीमेंट और दवाओं में अश्वगंधा की पत्तियों (Leaves) के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। अब कंपनियां अपने प्रोडक्ट में केवल अश्वगंधा की जड़ों का ही इस्तेमाल कर पाएंगी। सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम उन लोगों के लिए राहत पहुंचाने वाला है, जो तनाव और थकान को दूर करने के लिए अश्वगंधा के सप्लीमेंट का सेवन करते हैं।
एफएसएसएआई ने भारत में अश्वगंधा के पत्तों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के साथ यह निर्देश दिया है कि उत्पाद में यह साफ शब्दों में लिखा जाना चाहिए कि कंपनी के द्वारा इस प्रोडक्ट को बनाने में अश्वगंधा की जड़ों का इस्तेमाल किया गया है या नहीं ? आयुष मंत्रालय के द्वारा पहले भी इस संबंध में समय समय पर ऐसे ही निर्देश दिये जाते रहे हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार आयुर्वेद में कभी भी अश्वगंधा की पत्तियों को खाने की सलाह नहीं दी गई है। हजारों साल पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथ से लेकर आधुनिक विज्ञान तक अश्वगंधा के जड़ वाले हिस्से को ही सुरक्षित माना गया है। पत्तियों का इस्तेमाल त्वचा पर लगाने (एक्सटरल यूज) के लिए किया जाता है। आयुष विभाग का साफ कहना है कि अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे और उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसकी जड़ पर सदियों से लोगों का भरोसा रहा है और इस पर शोध भी मौजूद है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/india-plans-korea-enclave-to-boost-investment/176106