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कर्नाटक बीजेपी का NSUI पर गंभीर हमला

बेंगलुरु में विपक्ष के नेता के घर ऑनलाइन पार्सल से भेजे गए धारदार हथियार, बीजेपी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

बेंगलुरु में बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेता के घर ऑनलाइन हथियारों की डिलीवरी भेजने का मामला सामने आया है।

बेंगलुरु में विपक्ष के नेता के घर ऑनलाइन पार्सल से भेजे गए धारदार हथियार बीजेपी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

Karnataka BJP leaders |

बेंगलुरु (कर्नाटक)। कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया जब विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी के आवास पर ऑनलाइन पार्सल के जरिए चाकू और खतरनाक हथियार भेजे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (कर्नाटक) ने बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की गई है।

ब्लिंकइट के जरिए मंगाए गए हथियार और दहशत का माहौल

बीजेपी ने 7 नवंबर 2026 को दर्ज कराई गई इस आधिकारिक शिकायत में आरोप लगाया है कि NSUI से जुड़े 8 से 10 युवकों ने एक लोकप्रिय क्विक-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म 'ब्लिंकइट' के जरिए धारदार हथियार बुक किए थे। इन हथियारों को सीधे नारायणस्वामी के आवास पर पार्सल के रूप में डिलीवर कराया गया। हथियारों की डिलीवरी के ठीक बाद यह पूरा समूह उनके घर के मुख्य गेट के पास इकट्ठा हो गया और आसपास संदिग्ध रूप से घूमता रहा। पार्टी का कहना है कि इस हरकत का मकसद साफ तौर पर डर और दहशत का माहौल पैदा करना था।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल और नेताओं पर आरोप

शिकायत में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि चलावादी नारायणस्वामी का आवास एक अतिसंवेदनशील और वीआईपी इलाके में स्थित है, जिसके आसपास कई वरिष्ठ मंत्रियों और हाई कोर्ट के जजों के आधिकारिक आवास भी मौजूद हैं। ऐसे सुरक्षित क्षेत्र में इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। बीजेपी ने इस पूरी घटना के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया है कि वे NSUI कार्यकर्ताओं को खुली छूट देकर राज्य में गुंडा संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।

ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म की भूमिका पर उठे सवाल

पार्टी ने केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक अपनी नाराजगी सीमित नहीं रखी है, बल्कि उस ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं जिसके जरिए ये हथियार भेजे गए। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने बिना किसी वेरिफिकेशन या सुरक्षा जांच के इस तरह के खतरनाक हथियार डिलीवर कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्टी ने उस डिलीवरी कंपनी की उच्चस्तरीय जांच कराने और उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।

9 मोबाइल नंबरों का खुलासा और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

अपनी शिकायत में बीजेपी ने उन 9 अलग-अलग मोबाइल नंबरों की सूची भी सौंपी है जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इन हथियारों के ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने के लिए किया गया था। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, सभी हथियारों को जब्त किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस औपचारिक शिकायत पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए हैं।
(इनपुट: ANI)

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