भोजपुर एनकाउंटर पर भारत भूषण के परिवार का बड़ा बयान। न्याय मिलने और हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद ही सरकार की मदद पर विचार करेंगे परिजन।
भोजपुर (बिहार)। बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के परिवार का कहना है कि न्याय और उनकी मौत के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका यह बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर तिवारी के परिवार को आर्थिक मदद और उनके किसी रिश्तेदार को सरकारी नौकरी देगी।
मां आशा देवी ने दोषियों के लिए की कड़ी सजा की मांग
भरत की मां आशा देवी ने ANI से बात करते हुए अपने बेटे की मौत में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार बिहार सरकार की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी की पेशकश पर चर्चा करेगा और उसके बाद ही तय करेगा कि इसे स्वीकार करना है या नहीं।

हत्या करने वाले को फांसी देने की मांग
ANI से बात करते हुए देवी ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहती हूं कि मेरी पहली मांग यह है कि जिसने भी उसे मारा है, हत्या की है, उसे फांसी दी जानी चाहिए। वे हत्या करने के बाद आजाद घूम रहे हैं। यही मेरी मांग है। उसके बाद, मुख्यमंत्री ने नौकरी या पैसे की जो घोषणा की है, उस पर हमारा पूरा परिवार एक साथ बैठकर सलाह-मशविरा करेगा और फिर उसे स्वीकार करेगा। अभी तो मेरी यही मांग है। मैं शुरू से ही यही मांग कर रही हूं और अभी भी कर रही हूं।"
परिवार ने भरत को शहीद का दर्जा और प्रतिमा की मांग उठाई
उन्होंने आगे अपने बेटे के लिए शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए कहा, केवल एक आरोपी को पकड़ने से काम नहीं चलेगा। कई और लोग आजाद घूम रहे हैं, खासकर SDM। सिर्फ 'छोटी मछली' को पकड़ने का क्या फायदा?" भरत के पिता ने भी अपने बेटे के लिए शहीद का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि जहां उनकी मौत हुई, वहां उनकी एक प्रतिमा बनाई जाए। उन्होंने कहा कि परिवार पहले न्याय की मांग करेगा और उसके बाद ही सरकार की मदद पर विचार करेगा।

भाई चंदन ने की पुलिसकर्मियों की तत्काल हिरासत की मांग
भरत के भाई चंदन ने भी कहा कि परिवार की पहली प्राथमिकता न्याय है और उन्होंने मांग की कि उसकी मौत में कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि परिवार एक साथ बैठकर सरकार के प्रस्ताव पर फैसला लेगा। उन्होंने कहा, "मेरी पहली प्राथमिकता न्याय पाना है। और जितनी जल्दी हो सके, हत्या करने के बाद जो भी पुलिस अधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं, उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाना चाहिए। फिर हमारा पूरा परिवार एक साथ बैठकर फैसला करेगा। अभी मुझे न्याय चाहिए। उन्हें हटाना ही काफी नहीं है। उन्हें हिरासत में लेकर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, यहां तक कि मौत की सजा भी दी जानी चाहिए। यही मेरी मांग है।"
सरकारी मदद पर परिवार साथ बैठकर लेगा अंतिम फैसला
उन्होंने आगे कहा, "यह खुश होने या न होने की बात नहीं है, लेकिन अभी मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। पूरा परिवार साथ बैठकर फैसला करेगा। उसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। हां, जो भी हो, पूरा परिवार अभी तक साथ नहीं बैठा है। साथ बैठने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। मेरे माता-पिता और पूरा परिवार जो भी कहेंगे, हम वही करेंगे।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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