उत्तर प्रदेश ऊर्जा संगम-2026 में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ऊर्जा अवसंरचना, निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ा।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ऊर्जा क्षेत्र को प्रदेश की आर्थिक तरक्की और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया है। शुक्रवार को एसोचैम द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश ऊर्जा संगम-2026 कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उद्योगों, कृषि और आम जनता के लिए सस्ती, सुलभ और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने तथा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। डिप्टी सीएम ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचे से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत आधारभूत संरचना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर बिजली सुविधाएं सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को गति मिलेगी। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। मजबूत ऊर्जा व्यवस्था उद्योगों को आगे बढ़ाने और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सौर और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर
ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के साथ सौर ऊर्जा तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करना समय की मांग है। उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करना जरूरी है। इन प्रयासों से प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा करने के साथ सतत विकास के लक्ष्यों को भी गति मिलेगी।

सरकार और उद्योग जगत के समन्वय से विकास की संभावनाएं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए सरकार, उद्योग जगत, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को साझा दृष्टिकोण के साथ आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता, नवाचार और दूरदर्शी रणनीति के माध्यम से प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। मजबूत ऊर्जा अवसंरचना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और ग्रामीण विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका
ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले प्रयास उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने ‘ऊर्जावान उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव’ के संकल्प के साथ प्रदेश को ऊर्जा-संपन्न बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र का विकास विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। बिजली की बेहतर उपलब्धता से उद्यमों की उत्पादकता बढ़ती है, निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है और विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

ऊर्जा संगम-2026 में कई गणमान्यजन रहे मौजूद
एसोचैम द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश ऊर्जा संगम-2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, एसोचैम के उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय निदेशक राजीव दीक्षित, सौरदीप गुहा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ऊर्जा अवसंरचना के विकास, निवेश की संभावनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
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