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रक्षाबंधन से पहले भाई की मौत, बहनों ने बांधी राखी

रक्षाबंधन से पहले भाई की मौत, बहनों ने शव की कलाई पर बांधी राखी; बोलीं- इस बार का सरप्राइज बर्दाश्त नहीं

रक्षाबंधन से ठीक पहले भाई की मौत ने तीन बहनों की खुशियों को मातम में बदल दिया। चेतगंज थाना क्षेत्र के काली महल इलाके में उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब 50 वर्षीय त्रिलोकी मोदनवाल का शव घर पहुंचा।

रक्षाबंधन से पहले भाई की मौत बहनों ने शव की कलाई पर बांधी राखी बोलीं- इस बार का सरप्राइज बर्दाश्त नहीं

Brother Dies Before Raksha Bandhan, Sisters Tie Rakhi on His Wrist |

वाराणसी {उत्तर प्रदेश}: रक्षाबंधन से ठीक पहले भाई की मौत ने तीन बहनों की खुशियों को मातम में बदल दिया। चेतगंज थाना क्षेत्र के काली महल इलाके में उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब 50 वर्षीय त्रिलोकी मोदनवाल का शव घर पहुंचा। भाई की मौत से बदहवास बहनों ने रोते-बिलखते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधी और नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बहनों ने कहा कि हर साल भाई राखी पर उन्हें सरप्राइज गिफ्ट देते थे, लेकिन इस बार मिला सरप्राइज जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बन गया।

पानी पीने गए थे, करंट की चपेट में आए

दरअसल, दो दिन पहले त्रिलोकी मोदनवाल पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गए थे। इसी दौरान कूलर में करंट उतरने से वह उसकी चपेट में आ गए। गंभीर हालत में उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। त्रिलोकी जिम चलाते थे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शव काली महल स्थित घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने के लिए तीनों बहनें पहले से तैयार थीं। उन्होंने भाई की पसंद की राखी और मिठाई भी खरीद रखी थी, लेकिन त्योहार से पहले ही भाई की मौत की खबर ने सबकुछ बदल दिया।

राखी बांधने मायके आने वाली थीं बहनें

त्रिलोकी की तीनों बहनें ससुराल से मायके आने वाली थीं। भाई का शव घर पहुंचने के बाद वे उसके पास पहुंचीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके बाद उन्होंने भाई की कलाई पर राखी बांधी। छोटी बहन निवेदिता ने बताया कि उन्होंने भाई की पसंद की राखी खरीदी थी और उसकी पसंद की मिठाई भी मंगाई थी। हर साल भाई रक्षाबंधन पर तीनों बहनों को घर बुलाते थे।

हर साल बहनों को देते थे सरप्राइज गिफ्ट

बहन सोनी ने बताया कि त्रिलोकी हर साल रक्षाबंधन पर बहनों को सरप्राइज गिफ्ट दिया करते थे। वह कहते थे कि रक्षाबंधन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि बहनों को खुशियां देने का दिन है। कोई बहन राखी बांधने नहीं आती थी तो वह नाराजगी जताते थे। सोनी ने कहा, “इस बार भी उम्मीद थी कि भाई राखी बंधवाएंगे और सरप्राइज गिफ्ट देंगे, लेकिन इस साल का सरप्राइज बर्दाश्त नहीं हो रहा। अब हम राखी किसे बांधेंगे।” यह कहते हुए बहनें फफक पड़ीं। भाई की कलाई पर बंधी राखी और बहनों की आंखों से छलकते आंसुओं ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया।

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