जौनपुर में वसूली-लूट के गंभीर आरोप की जांच के बाद दो निलंबित सिपाहियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। जिस खाकी पर जनता की हिफाजत की जिम्मेदारी है, उसी खाकी पर जबरन वसूली और लूट के गंभीर आरोप लगे तो आप क्या कहेंगे। इस खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही अधिकारियों ने कार्रवाई में देर नहीं की और जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई। अब जांच के बाद दो निलंबित सिपाहियों समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और दो आरोपियों के न्यायालय में आत्मसमर्पण से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
सुरेरी थाना क्षेत्र मेंं जबरन वसूली और लूट के दो गंभीर मामले
दरअसल, जौनपुर के जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्र से जबरन वसूली और लूट के दो गंभीर मामले सामने आए थे। जलालपुर थाने में दर्ज मुकदमे में आरोप है कि एक व्यक्ति को जबरन वाहन में बैठाकर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर रकम मांगी गई। आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर यूपीआई के जरिए करीब 2 लाख 15 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए और एटीएम से भी रकम निकलवाई।
करीब 1 लाख 65 हजार रुपये की वसूली
वहीं सुरेरी थाना क्षेत्र के मामले में आरोप है कि पीड़ित को फोन कर बुलाया गया। इसके बाद सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उसे वाहन में बैठाया और करीब 1 लाख 65 हजार रुपये की वसूली की। यूपीआई के जरिए भी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कराए जाने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र ने दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की।
24 घंटे के भीतर घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान
एसआईटी ने तेजी से जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली। इसके बाद 23 सितंबर को मनीष पटेल, निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं पुलिस की लगातार दबिश के बाद जलालपुर मामले के वांछित आरोपी संकीत और विकास ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। यानी दोनों मामलों में अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस की कार्रवाई की जद में आ चुके हैं, जिनमें दो निलंबित पुलिस आरक्षी भी शामिल हैं।
आने वाले समय में अन्य आरोपियों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, जांच अभी खत्म नहीं हुई है। विवेचना के दौरान कुछ और नाम सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। एसआईटी साक्ष्यों को जुटा रही है और आने वाले समय में अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी।
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