पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की करीब 700 कंपनियां तैनात रहेंगी।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की करीब 700 कंपनियां तैनात रहेंगी। राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
हिंसा की आशंका को देखते हुए निर्णय
सूत्रों के अनुसार Election Commission of India को आशंका है कि चुनाव के बाद, खासकर मतगणना के समय राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और हिंसा की घटनाएं हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
पहले से बढ़ाई गई थी तैनाती
चुनाव आयोग ने पिछले चुनावों में हुई हिंसा की घटनाओं का अध्ययन करने के बाद यह कदम उठाया है। मार्च के अंत में 240 कंपनियां तैनात की गई थीं, जिसके बाद एक सप्ताह के भीतर 240 और कंपनियां भेजी गईं। इस तरह कुल 480 कंपनियों की तैनाती पहले ही हो चुकी थी।
मतदान शांतिपूर्ण, फिर भी सतर्कता जारी
राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुए दो चरणों के मतदान में 93 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया और मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। इसके बावजूद आयोग ने सतर्कता बनाए रखने का फैसला किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने भी दिए संकेत
Amit Shah ने भी अपने गंगासागर दौरे के दौरान राज्य में केंद्रीय बलों की लगभग 700 कंपनियों को कुछ समय तक तैनात रखने के संकेत दिए थे।
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