मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में 600 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर 2500 विस्थापित बंगाली परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र सौंपे।
पीलीभीत/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत जिले के बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों को करीब 600 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त, माफिया मुक्त और कर्फ्यू मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''यूपी में अब नो दंगा, नो कर्फ्यू, यूपी में अब सब चंगा।''
विस्थापित बंगाली परिवारों को 5 दशक बाद मिला हक
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर करीब 55-56 वर्ष पूर्व पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) से प्रताड़ित होकर आए 2,500 बंगाली परिवारों यानी करीब 15,000 लोगों को भूमि अधिकार पत्र और नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत इन परिवारों को सम्मान से जीने का अधिकार मिला है। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पूर्व की सरकारों ने इन गरीबों, दलितों और वंचितों की कभी सुध नहीं ली। मुख्यमंत्री ने कई जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, चाबी, प्रमाणपत्र, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किए।

ईको-टूरिज्म और कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनेगा पीलीभीत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पीलीभीत अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव-विविधता और वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है। यहां की बांसुरी ने कृष्ण-कन्हैया की मुरली को नई पहचान दी है। अब डबल इंजन की सरकार पीलीभीत को ईको-टूरिज्म के नए हब के रूप में स्थापित कर रही है। गोरखपुर से पीलीभीत, मुरादाबाद होते हुए पानीपत तक जाने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर यहां की प्रगति को नई रफ्तार देगा।
इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, गन्ना विकास राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आम जनता उपस्थित रही।