प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

UP बनेगा ‘Second Industrial Home’: Yogi

सीएम योगी ने जापानी कंपनियों से कहा- उत्तर प्रदेश को बनाएं अपना ‘Second Industrial Home’

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों से उत्तर प्रदेश को अपना ‘Second Industrial Home’ बनाने की अपील की।

सीएम योगी ने जापानी कंपनियों से कहा- उत्तर प्रदेश को बनाएं अपना ‘second industrial home’

CM Yogi Urges Japanese Companies to Make Uttar Pradesh Their ‘Second Industrial Home’ |

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि जापान के पास दशकों का औद्योगिक अनुभव, तकनीक, गुणवत्ता और मैन्युफैक्चरिंग की विशेषज्ञता है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास युवा कार्यबल, बड़ा बाजार, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कानून-व्यवस्था है। दोनों की ताकत मिलकर भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकती है।

‘Land of Rising Sun’ से ‘Heartland of India’ तक बनाएं भविष्य के उद्योग

मुख्यमंत्री योगी ने जापान को ‘Land of the Rising Sun’ और उत्तर प्रदेश को ‘Land of the Suryavansh’ बताते हुए दोनों के बीच औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियां केवल यहां फैक्ट्रियां स्थापित करने तक सीमित न रहें, बल्कि उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, स्किल सेंटर और ग्लोबल सप्लाई चेन भी विकसित करें। उन्होंने कहा कि ‘Land of the Rising Sun’ से ‘Heartland of India’ तक हम मिलकर भविष्य के उद्योगों का निर्माण करें।

भारत-जापान साझेदारी ‘Shared Growth, Shared Technology, Shared Prosperity’

सीएम योगी ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘Shared Growth, Shared Technology and Shared Prosperity’ की साझेदारी है। उन्होंने बताया कि आज देश में बनने वाले मोबाइल फोन में करीब 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसके अलावा देश के करीब 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है, जो राज्य के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को दर्शाता है।

यूपी-जापान के बीच बढ़ रहा आर्थिक और औद्योगिक सहयोग

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच साझेदारी विश्वास, तकनीक, संस्कृति, निवेश और साझा विजन की मजबूत नींव पर आधारित है। ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश-जापान आर्थिक साझेदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

9 साल में यूपी का बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने स्पष्ट नीतियों और लगातार किए गए सुधारों के जरिए देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में ‘Safety, Stability and Speed’ के आधार पर राज्य का बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। इसी अवधि में महिलाओं की वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ी है और उत्तर प्रदेश अब वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक मजबूत हुआ यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के लिए बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत, 17 एयरपोर्ट, देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, सात शहरों में मेट्रो, देश की पहली रैपिड रेल, पहला इनलैंड वाटरवे और दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मौजूद हैं। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स हब और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर राज्य को घरेलू और वैश्विक बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

96 लाख से ज्यादा MSME और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में MSME और स्टार्टअप सेक्टर की बड़ी भूमिका है। राज्य में 96 लाख से अधिक MSME यूनिट, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप मौजूद हैं। सरकार ने IT-ITES, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर पावर, फूड प्रोसेसिंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग समेत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 36 सेक्टोरल पॉलिसी तैयार की हैं।

75 हजार एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे के आसपास रणनीतिक रूप से 27 इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल और अपैरल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए पांच सेक्टोरल डेस्क स्थापित किए गए हैं।

AI, सेमीकंडक्टर और EV समेत कई क्षेत्रों में निवेश के अवसर

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब AI, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, मेडटेक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों में निवेश और इनोवेशन का नया केंद्र बन रहा है। राज्य में नौ जलवायु क्षेत्र हैं और देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 21 से 22 प्रतिशत है। इसी वजह से राज्य को देश की ‘फूड बास्केट’ के रूप में भी देखा जाता है।

नोएडा एयरपोर्ट के पास विकसित हो रही ‘Japan City’

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में Japan City भी विकसित की जा रही है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। इसके आसपास सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 में राज्य ने ‘Plug and Play Industrial Sheds’ योजना शुरू की है, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कार्गो, MRO और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

‘Nivesh 3.0’ से निवेश प्रक्रिया होगी आसान

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए ‘Nivesh 3.0’ लॉन्च किया गया है। इसके जरिए अलग-अलग विभागों की सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है और आवेदन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है। इससे मंजूरी की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाएं निर्धारित समय से पहले पूरी की गई हैं।

जापानी तकनीक और यूपी के युवाओं का मेल बनेगा नया स्किल मॉडल

मुख्यमंत्री ने जापानी मैन्युफैक्चरिंग संस्कृति को उत्तर प्रदेश के युवा कार्यबल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जापान की Kaizen, Five-S, Lean Manufacturing, Robotics, Automation और Precision Engineering जैसी विशेषज्ञताओं को युवाओं की ट्रेनिंग से जोड़ा जा सकता है। इससे एक नया स्किल इकोसिस्टम तैयार होगा, जिसमें जापानी औद्योगिक उत्कृष्टता और उत्तर प्रदेश की युवा प्रतिभा मिलकर भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार कार्यबल विकसित करेगी।

ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी में भी होगा सहयोग

उत्तर प्रदेश और यामानाशी के अधिकारियों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि IIT कानपुर, HBTU कानपुर, IIT BHU और MMMUT गोरखपुर के जरिए दो ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रत्येक सेंटर के लिए ₹50 करोड़ की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी है। सरकार का लक्ष्य रिसर्च को केवल लैब तक सीमित रखने के बजाय पायलट प्रोजेक्ट, वास्तविक तकनीकी इस्तेमाल और कमर्शियल प्रोडक्शन तक ले जाना है।

Escorts Kubota प्रोजेक्ट से करीब 4 हजार रोजगार की उम्मीद

सीएम योगी ने जापानी निवेश के उदाहरण के तौर पर Escorts Kubota प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से करीब 4,000 रोजगार पैदा होने की संभावना है। पहले चरण में परियोजना में हर साल 60,000 ट्रैक्टर और 15,000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट यूनिट के उत्पादन का प्रस्ताव है। उन्होंने इसे भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

Spark Minda-Toyota-Denso साझेदारी भी बनी उदाहरण

मुख्यमंत्री ने Spark Minda-Toyota-Denso साझेदारी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह जापानी तकनीक और उत्तर प्रदेश के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को जोड़ने की संभावनाओं को दिखाती है। उन्होंने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यानी JETRO की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था जापानी कंपनियों को भारत में निवेश के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जापानी कंपनियों को लंबे समय के निवेश के लिए किया आमंत्रित

सीएम योगी ने जापानी उद्योग की सबसे बड़ी ताकतों में गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाला जापानी औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने जापानी कंपनियों से केवल फैक्ट्री लगाने के बजाय टेक्नोलॉजी, R&D, स्किल सेंटर और ग्लोबल सप्लाई चेन विकसित करने की अपील की और उत्तर प्रदेश को अपना ‘Second Industrial Home’ बनाने का आह्वान किया।

युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साझेदारी का अगला अध्याय केवल सरकारी समझौतों में नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों, रिसर्च लैब, विश्वविद्यालयों और ग्लोबल सप्लाई चेन में दिखाई देना चाहिए। उत्तर प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा युवा कार्यबल है और सरकार का उद्देश्य इस युवा शक्ति को इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स में बदलना है। उन्होंने कहा कि जापानी मैन्युफैक्चरिंग संस्कृति और उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का मेल दोनों पक्षों के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री और उद्योग जगत के दिग्गज मौजूद रहे

उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान, यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, JETRO के अधिकारी और उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह भी पढ़े:     सीएम योगी ने जापानी निवेशकों से यूपी में निवेश का किया आह्वान, हर स्तर पर सहयोग का भरोसा

Related to this topic: