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बलिया में बड़ा सियासी भूचाल

नगर पंचायत में ₹30 करोड़ के घोटाले का आरोप, पार्षदों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

बलिया के नगर पंचायत रतसरकला में विकास कार्यों के बजट में भारी हेरा फेरी और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। नगर पंचायत के तमाम सभासदों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है।

नगर पंचायत में ₹30 करोड़ के घोटाले का आरोप पार्षदों ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

Councillors Allege ₹30 Crore Scam in Ballia Nagar Panchayat |

बलिया (उत्तर प्रदेश)। जिले से एक बेहद चौंकाने वाली आई है जहां नगर पंचायत रतसरकला में विकास कार्यों के बजट में भारी हेरा फेरी और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। नगर पंचायत के तमाम सभासदों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है और जिला अधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंप कर करीब ₹30 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं पार्षदों ने मांग पूरी न होने पर सामूहिक इस्तीफे तक की चेतावनी दे दिया है। इसे लेकर आज शनिवार को नगर पंचायत के 14 सभासद डीएम के आवास पर पहुंचे।

अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर फर्जीवाड़े का आरोप

सभासदों ने बताया कि रातसरकला नगर पंचायत के सभी सभासदों ने बलिया जिला अधिकारी, अध्यक्ष निगरानी समिति और प्रभारी स्थानीय निकाय को एक लिखित शिकायती पत्र दिया है। आरोप लगाया कि नगर पंचायत रातसरकला के अध्यक्ष अजय राजभर और अधिशासी अधिकारी मृदुल सिंह ने आपस में साजिश और फर्जीवाड़ा की है। शासन द्वारा नवनिर्वाचित नगर पंचायत के विकास के लिए प्राप्त लगभग ₹30 करोड़ का भुगतान नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेते ठेकेदारों को कर दिया गया और सरकारी धन का गबन किया गया है।

निजी लाभ के लिए बड़े भ्रष्टाचार को दिया अंजाम

नगर पंचायत के अध्यक्ष और ईओ के खिलाफ लामबंद हुए सभासदों का कहना है कि नियमानुसार शासन से प्राप्त धनराशि का भुगतान प्रभारी स्थानीय निकाय के अनुमोदन के बाद ही किया जाना चाहिए था। नगर विकास शासन द्वारा भी इसके स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने अपने निजी लाभ के लिए कथित तौर पर झूठे और गलत कार्य अनुमोदन तैयार कर इस बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है।

पार्षदों का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ आया जब सभासद ने एक नोटरी शपथ पत्र जारी कर प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। शपथ पत्र में साफ लिखा है कि जब तक अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक सभी सभासद नागरिक सहयोग व निर्वाचन नियमावली के अंतर्गत अपने शपथ ग्रहण के अनुसार 3 दिनों तक कार्य नहीं करेंगे। इसके बाद वे आपके समक्ष सामूहिक रूप से अपना त्यागपत्र यानी इस्तीफा प्रस्तुत करेंगे।

शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल

अब देखना होगा कि बलिया जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होकर दोषियों पर गाज गिरेगी या फिर नगर पंचायत के सभी सभासद अपना सामूहिक इस्तीफा देंगे। एक साथ इतने पार्षदों द्वारा ₹30 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाने और सामूहिक इस्तीफे की धमकी देने के बाद बलिया जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यह पत्र बाकायदा नोटरी अधिवक्ता जगदीश सिंह यादव बलिया द्वारा सत्यापित कराया गया है।

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