रीवा। जिले में एक होटल के कमरे में युवक-युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने बॉलीवुड फिल्म कयामत से कयामत तक से प्रभावित होकर आत्महत्या की।
रीवा। जिले में एक होटल के कमरे में युवक-युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने बॉलीवुड फिल्म कयामत से कयामत तक से प्रभावित होकर आत्महत्या की। फॉरेंसिक जांच में कमरे से बरामद तंदूरी रोटी, पनीर, बीयर, शराब और पानी सहित कई चीजों में जहर के अंश पाए गए हैं।
होटल का कमरा बना क्राइम सीन
यह घटना “द एम्पायर होटल” (सामने थाना क्षेत्र) की है। मृतक रवि साकेत (25) और काजल साकेत (21) दोनों 22 अप्रैल को होटल में रुके थे। 23 अप्रैल को कमरा लंबे समय तक बंद रहने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां दोनों के शव मिले। दोनों घर से शादी में जाने और खरीदारी का बहाना बनाकर निकले थे।
परिवार की असहमति बनी वजह
पुलिस के अनुसार, दोनों परिवार इस रिश्ते और शादी के खिलाफ थे, जो इस कदम का संभावित कारण माना जा रहा है। दोस्त की भूमिका जांच के घेरे में है। मामले में अतुल साकेत नाम के युवक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उसी ने होटल बुक कराया और दोनों को घर से निकलने में मदद की।
परिवारों को किया गुमराह
पुलिस को शक है कि उसने खाने-पीने और संभवतः जहर की व्यवस्था में भी भूमिका निभाई हो सकती है। दोनों परिवारों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। युवक के दादा ने शराब की मात्रा पर संदेह जताया। CCTV फुटेज की मांग की। शक जताया कि कमरे में और लोग भी हो सकते थे। लड़की के परिवार ने पोस्टमॉर्टम से पहले शव के सही तरीके से संरक्षित न होने का आरोप लगाया।
साजिश की आशंका
युवक के पिता ने अतुल पर गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि समय पर जानकारी मिलती तो जान बचाई जा सकती थी। भाई ने आरोप लगाया कि परिजनों के पहुंचने से पहले शव हटा दिए गए, जिससे प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
मामले में पुलिस जांच जारी
पुलिस के अनुसार मामला पहली नजर में प्रेम संबंध और सामाजिक दबाव से जुड़ी आत्महत्या का लगता है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। CCTV, होटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान खंगाले जा रहे हैं।
फिल्म का असर—लेकिन अकेला कारण नहीं
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या फिल्म का असर था, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आमतौर पर कई सामाजिक और मानसिक कारण एक साथ काम करते हैं।
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