MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में विज्ञान और अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया के द्वार युवाओं के लिए खुलने जा रहा है।
भोपाल में स्थापित होगा “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” |
MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में विज्ञान और अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया के द्वार युवाओं के लिए खुलने जा रहा है। एस्ट्रोफिज़िक्स (खगोल भौतिकी) में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यहां एक स्पेस सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र अंतरिक्ष यान (स्पेसक्राफ्ट) के नियंत्रण और संचालन का यथार्थ-सदृश सिम्युलेशन (realistic imitation) उपलब्ध कराएगा, जिससे मध्य प्रदेश के युवाओं में स्पेस टेक्नोलॉजी की बेहतर समझ और वैज्ञानिक सोच विकसित होगी।
प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ समन्वय में तैयार किया गया है।
मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित स्पेस सेंटर में मिसाइलों और उपग्रहों के विकास की प्रगतिशील यात्रा को दर्शाने वाले डिज़ाइन/मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही शून्य-गुरुत्वाकर्षण (zero-gravity) जैसी परिस्थितियों में अंतरिक्ष स्टेशन का सिम्युलेटेड अनुभव देने हेतु विशेष आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी, ताकि बच्चे यह देख-समझ सकें कि अंतरिक्ष यात्री उपग्रह/स्पेस स्टेशन के भीतर कैसे रहते और काम करते हैं।
‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2025’
मंत्री कृष्णा गौर ने युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2025’ की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सबसे पिछड़े वर्गों के लगभग 4,000 युवाओं को हर वर्ष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड तथा निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती की तैयारी कराई जा सके। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और कर्तव्यबोध विकसित करने हेतु सैद्धांतिक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
ओबीसी छात्रावासों को बनाया जा रहा मॉडल
मंत्री ने बताया कि राज्य भर के ओबीसी छात्रावासों को मॉडल हॉस्टल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन छात्रावासों में जिम, रीडिंग रूम, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की स्थापना के बाद पहली बार छात्रावासों में निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, और इस पहल का 26 जनवरी को मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किए जाने की संभावना है।
छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन और रोजगार पहल
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 7.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां वितरित की गई हैं। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को अधिक पारदर्शी बनाया गया है, जिससे हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।जापान और जर्मनी में बेरोज़गार युवाओं को रोजगार दिलाने हेतु पहल की जा रही है।सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के तहत 600 युवाओं को विदेश भेजे जाने की योजना है।
घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विशेष अभियान
मंत्री ने बताया कि जन अभियान परिषद के माध्यम से घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इन समुदायों की गणना (enumeration) तीन महीनों के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल करने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश अग्रणी है।
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