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‘Eat Right Summit’ में केशव मौर्य

लखनऊ में ‘Eat Right Summit’: केशव प्रसाद मौर्य ने संतुलित आहार और खाद्य सुरक्षा पर दिया जोर

लखनऊ में आयोजित Eat Right Summit में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार, श्रीअन्न और मोटे अनाजों को अपनाने का आह्वान किया। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ में ‘eat right summit’ केशव प्रसाद मौर्य ने संतुलित आहार और खाद्य सुरक्षा पर दिया जोर

Keshav Maurya at Eat Right Summit |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में आयोजित ‘Eat Right Summit’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। तत्कालिक स्वाद के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा तेल की खपत में कमी करने तथा चीनी का सेवन कम करने के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने मार्च 2026 में भी चीनी का सेवन कम करने और खाना पकाने के तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने का आह्वान किया था।

पारंपरिक भोजन की ओर बढ़ता रुझान

उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति में पहले से ही ऐसे अनेक पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जिन्हें आज आधुनिक जीवनशैली में फिर से अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। गांव में बचपन से खाए जाने वाले चना, सरसों का साग, मक्के और बाजरे की रोटी जैसे खाद्य पदार्थ आज बड़े होटलों के मेन्यू में भी दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव इस बात का संकेत है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और वे अपने भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं।

मिलेट्स से पोषण और ग्रामीण विकास

मौर्य ने कहा कि श्रीअन्न एवं मिलेट्स हमारी पारंपरिक खाद्य विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में मनाए जाने से श्रीअन्न के प्रति देश और दुनिया में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज पौष्टिक होने के साथ-साथ किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं और इनके उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।

ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग

उन्होंने प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उपभोक्ता खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उत्पादन पद्धति को लेकर पहले की अपेक्षा अधिक जागरूक हैं। प्राकृतिक तरीके से तैयार उत्पादों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। किसानों को भी इस बदलती मांग का लाभ मिलना चाहिए और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

बच्चों की अच्छी आदतों की शुरुआत परिवार से

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आहार को संतुलित रखना केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। बच्चों की खान-पान की आदतें परिवार के बड़े सदस्यों के व्यवहार से भी प्रभावित होती हैं। इसलिए यदि हम स्वयं स्वस्थ एवं संतुलित भोजन को अपनाएंगे, तो बच्चों में भी अच्छी खान-पान की आदतें विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि भोजन में स्वाद के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता, पोषण और स्वच्छता पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

खाद्य गुणवत्ता और शुद्धता पर सरकार सतर्क

मौर्य ने कहा कि सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर पूरी तरह सजग है। समय-समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों का निर्माण, बिक्री और वितरण करने वालों को भी समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता एवं शुद्धता के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और जागरूक होकर खरीदारी करनी चाहिए।

एफपीओ और SHG से बाजार तक पहुंच

उन्होंने कहा कि किसानों और स्वयं सहायता समूहों की ताकत का उपयोग गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद तैयार करने और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने में किया जा रहा है। FPO तथा SHG के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार कर उन्हें बेहतर बाजार से जोड़ने से किसानों और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ ही उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

भंडारण और प्रसंस्करण की जरूरत

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ ही फलों, सब्जियों और अन्य शीघ्र खराब होने वाले उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण की आवश्यकता भी बढ़ती है। पर्याप्त भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के अभाव में कई बार किसानों की उपज खेत और बाजार के बीच ही खराब हो जाती है। इस चुनौती के समाधान के लिए सरकार भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भी लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

यूपी में फूड प्रोसेसिंग की बड़ी संभावनाएं

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। किसानों की उपज को प्रसंस्कृत कर मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने से किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर सृजित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ इस क्षेत्र की पूरी संभावनाओं का उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है।

‘Eat Right Summit’ से बढ़ेगी जागरूकता

मौर्य ने ‘Eat Right Summit’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित, स्वस्थ और संतुलित भोजन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकार, खाद्य उत्पादकों, व्यापारियों, विशेषज्ञों, अभिभावकों और आम नागरिकों को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर भोजन का चयन

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम केवल तत्कालिक स्वाद को प्राथमिकता न दें, बल्कि अपने स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन का चयन करें। संतुलित आहार, सुरक्षित खाद्य पदार्थ और स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की मजबूत आधारशिला हैं।

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